राज्य ब्यूरो, पटना । डीजीपी एसके सिंघल ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को खुद रात्रि गश्ती करने का निर्देश दिया है। आइजी व डीआइजी को भी अपने-अपने क्षेत्र के थानों के काम की निगरानी का टास्क सौंपा गया। मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में डीजीपी ने वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें क्षेत्र के आइजी-डीआइजी व जिलों के एसपी भी शामिल हुए।

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डीजीपी ने सभी जिला एसपी को गिरफ्तारी की संख्या बढ़ाने को कहा। जिन जिलों में कम गिरफ्तारी हुई है, उनके एसपी से कारण स्पष्ट करने को कहा गया। एसपी को हर दिन थाना की समीक्षा कर एक्शन रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। डीजीपी ने दो टूक कहा कि सभी थानों में एक-एक पदाधिकारी तथा सिपाही के काम का हिसाब होना चाहिए।  जिन थानों में गिरफ्तारी कम हुई है, वहां के एसपी को थानाध्यक्षों से बात करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। जिन थानों में मापदंड के अनुसार गाड़ियां नहीं हैं, वहां 10 दिनों के अंदर गाड़ी उपलब्ध कराने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है। जरूरत पड़ने पर किराये पर भी गाड़ी लेने को कहा गया है। 

पांच दिनों तक लगातार चलेगा अभियान

एडीजी मुख्यालय जितेंद्र सिंह गंगवार ने जिलों के पुलिस अधीक्षक को रात्रि गश्ती के दौरान जिले के पुलिस थानों में औचक पहुंचने, स्टेशन डायरी और हाजत चेक करने के साथ रात्रि गश्ती में लगी पुलिस टीम का निरीक्षण करने को भी कहा गया है। अगले पांच दिनों तक समकालीन अभियान की तरह काम करने को कहा गया। पुलिस गश्ती को प्रभावकारी बनाने के लिए प्रात:कालीन, दिवा, संध्या तथा रात्रि गश्ती का रोस्टर बनाकर गश्ती की रैंडम चेकिंग करने का निर्देश भी दिया गया। जिलों के अंदर लंबित कांडों के प्रभार का काम अगस्त माह के अंत तक पूरा कर लेने का निर्देश दिया गया।

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Edited By: Rahul Kumar

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