राज्य ब्यूरो, पटना : राज्य के मुजफ्फरपुर, कटिहार, नौबतपुर समेत नौ शहरी निकायों में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के 45 सौ से अधिक कार्यादेश लंबित हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के बावजूद यहां लाभुकों को राशि का आवंटन नहीं किया गया है। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए सात नगर निकायों के नोडल प्रभारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इसके साथ ही निर्धारित समय में लाभार्थियों को समय से किस्त देने का भी निर्देश दिया गया है। पहली किस्त मिलने वालों को दूसरी, जबकि दूसरी किस्त मिलने वालों को तीसरी किस्त का अतिशीघ्र भुगतान करने को कहा गया है।

पिछले दिनों विभाग के द्वारा राज्य के सभी शहरी निकायों में प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना की व्यापक समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि 46 शहरी निकाय ऐसे हैं, जहां शत प्रतिशत कार्यादेश निर्गत किया जा चुका है। इसके अलावा 34 नगर निकाय ऐसे हैं, जहां लंबित कार्यादेश की संख्या सौ से कम, जबकि 14 शहरी निकायों में लंबित कार्यादेश की संख्या 10 से भी कम है। 

  •  - 46 शहरी निकायों में सौ प्रतिशत कार्यादेश निर्गत
  • - 34 शहरी निकायों में सौ से कम कार्यादेश लंबित 
  • - 14 शहरी निकायों में 10 से कम कार्यादेश लंबित

सबसे खराब स्थिति राज्य के नौ शहरी निकायों की पाई गई, जहां पांच सौ से भी अधिक कार्यादेश लंबित हैं। इसमें कटिहार, रोसड़ा, मुजफ्फरपुर, निर्मली, नौबतपुर, मैरवा, एकमा बाजार, रक्सौल और मधुबनी शामिल हैं।  इसमें मधुबनी व रक्सौल के प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि शेष सात प्रभारी पदाधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है। 

दिसंबर से पांच बार दिया गया निर्देश

नगर विकास एवं आवास विभाग ने पीएम आवास योजना के तहत बाकी किस्तों का भुगतान समय से करने को लेकर दिसंबर से अब तक पांच बार निर्देश दिया है। विभाग के द्वारा 14 दिसंबर, नौ मार्च, 28 मार्च और 11 अप्रैल को शहरी निकायों को पत्र लिखा गया। इसके अलावा 13 अप्रैल को प्रधान सचिव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से भी अफसरों को निर्देश दिया गया कि शत प्रतिशत पात्र लाभुकों को कार्यादेश निर्गत किया जाए या अपात्र लाभार्थियों की राशि प्रत्यर्पित की जाए। 

Edited By: Akshay Pandey