'डिसेंसी की सारी लिमिट...' राहुल गांधी पर संजय झा का तीखा हमला, चिराग ने भी सुनाई खरी-खरी
लोकसभा में राहुल गांधी के पीएम मोदी पर बयान को लेकर बिहार में सियासी घमासान तेज हो गया है। जदयू ...और पढ़ें
HighLights
संजय झा ने राहुल गांधी के बयान को 'लफुआगिरी' करार दिया।
चिराग पासवान ने राहुल गांधी को राजनीतिक मर्यादा का पाठ पढ़ाया।
संजय झा ने तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च पर भी तंज कसा।
डिजिटल डेस्क, पटना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान को लेकर बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
एनडीए नेताओं ने राहुल गांधी के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए उन पर राजनीतिक मर्यादा की सीमा लांघने का आरोप लगाया है।
जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा और लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
संजय कुमार झा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने डिसेंसी की सारी लिमिट पार कर दी है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने इटली की राष्ट्राध्यक्ष के संदर्भ में राहुल गांधी की भाषा और हावभाव पर भी सवाल उठाए। संजय झा ने कहा कि इस तरह की भाषा और व्यवहार को बिहार में ‘लफुआगिरी’ कहा जाता है।
संवैधानिक पद पर बैठे लोगों की जिम्मेदारी ज्यादा : संजय झा
संजय झा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में एक-दूसरे का सम्मान करना बेहद जरूरी है। खासकर संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक मंच पर भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति के लिए पर्याप्त जगह है, लेकिन राजनीतिक संवाद में शालीनता और सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए।
तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च पर भी साधा निशाना
संजय कुमार झा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के 19 अगस्त को प्रस्तावित राजभवन मार्च पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव इस मामले में काफी देर से राजनीति करने आए हैं।
उन्होंने कहा कि जब आंदोलन चल रहा था, उस समय तेजस्वी यादव विदेश में घूम रहे थे। अब जब पूरे मामले का पटाक्षेप हो चुका है, तब वे राजनीति करने के लिए सामने आए हैं। संजय झा ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘पार्ट टाइम पॉलिटिक्स’ करने वाला नेता बताया।
चिराग पासवान ने भी राहुल गांधी को पढ़ाया मर्यादा का पाठ
इधर, लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अमर्यादित भाषा के लिए कोई स्थान नहीं है।
चिराग पासवान ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उम्र में भी राहुल गांधी से बड़े हैं। ऐसे में उनके लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग करना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर तरह के विरोध की अनुमति है, लेकिन विरोध करते समय भाषा की मर्यादा नहीं गिरनी चाहिए। स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान तर्क, संवाद और विचारों के आदान-प्रदान से होती है, अपशब्दों से नहीं।
एनडीए नेताओं के इन बयानों के बाद राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर बिहार की राजनीति में भी सियासी बहस तेज होने के आसार हैं।
