दीपावली से पहले बिहार के शहरों में बढ़ सकती है परेशानी, 3 नवंबर से निकायकर्मियों की हड़ताल
नगर विकास विभाग पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए बिहार के नगर निकाय कर्मचारी 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर ...और पढ़ें

बिहार के नगर निकाय कर्मियों ने की हड़ताल की घोषणा।
HighLights
नगर निकाय कर्मचारी 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर।
नगर विकास विभाग पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया।
शहरों में सफाई और कचरा उठाव सेवाएं होंगी प्रभावित।
जागरण संवाददाता, पटना। नगर विकास विभाग पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए बिहार के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के कर्मचारी तीन नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।
बिहार लोकल बाॅडीज इंप्लाइज फेडरेशन और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने इसकी घोषणा की है।
हड़ताल पर जाने की सूचना सरकार को भी भेज दी गई है। इससे शहरों में सफाई और कचरा उठाव सेवाएं प्रभावित होंगी। दीपावली से पहले हड़ताल से लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी।
नगर विकास विभाग पर वादाखिलाफी का आरोप
निकायकर्मी 30 जुलाई को भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। नगर विकास मंत्री के हस्तक्षेप और वार्ता में बनी सहमति के बाद छह अगस्त को हड़ताल समाप्त कर दी गई थी।
उस समय नगर विकास विभाग के सचिव अनिमेष कुमार पराशर की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई थी। कमेटी को एक माह के भीतर समस्याओं का समाधान करना था।
30 अक्टूबर को सभी निकायों में करेंगे प्रदर्शन
संयुक्त संघर्ष मोर्चा का आरोप है कि दो माह बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। इस दौरान उच्चस्तरीय कमेटी की चार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने हड़ताल से पहले 30 अक्टूबर को राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत कार्यालयों में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता जितेंद्र कुमार ने बताया कि फेडरेशन के महामंत्री अशोक कुमार सिंह, स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के महासचिव चंद्रशेखर कुमार और संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष चंद प्रकाश सिंह ने पत्र भेज दिया है।
इन 11 मांगों को लेकर हड़ताल पर जाएंगे निकायकर्मी
- कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित बैठक।
- आठ दिवसीय हड़ताल के संबंध में विभागीय आदेश का पूर्ण पालन।
- कर्मचारियों का अद्यतन विवरण विभाग को उपलब्ध कराना।
- वेतन भुगतान में देरी समाप्त करना।
- भविष्य निधि और ईएसआइ का अंशदान जमा करना।
- अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों का निष्पादन।
- एनपीएस में स्थानीय निकाय के अंशदान में वृद्धि।
- बकाया पेंशन और वेतनांतर का भुगतान।
- दैनिक एवं संविदा कर्मियों के सेवा अभिलेखों का संधारण।
- मृत एवं सेवानिवृत्त दैनिक कर्मियों के पीएफ/ईएसआइ दावों का निपटारा।
- लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापन की समस्या दूर करना और वार्ड स्तर पर प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करना।
