राज्य ब्यूरो, पटनाः पंचायत चुनाव के मामले में हलचल तो प्रतिदिन है, लेकिन समस्या का हल नहीं है। ईवीएम विवाद पर हाईकोर्ट का फैसला हर दिन टल रहा है। अब अगली तिथि का इंतजार है। कहा गया है कि 12 अप्रैल को फैसला आएगा। इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग और केंद्रीय आयोग के स्टैैंड में कोई तब्दीली नहीं आई है। दोनों अभी भी अड़े हैैं। 

इस दौरान उम्मीद की एक किरण जरूर दिखने लगी है कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआइ) ने ईवीएम के मसले का समाधान निकालने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के आयुक्त दीपक प्रसाद को तकनीकी टीम के साथ 14 अप्रैल को दिल्ली तलब किया है। हालांकि दीपक अपनी टीम के साथ दिल्ली जाएंगे या नहीं, यह उसी दिन साफ होगा। क्योंकि इससे पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई बार दीपक प्रसाद केंद्रीय आयोग के सेक्रेटरी जनरल उमेश सिन्हा के अलावा अन्य अधिकारियों से रूबरू हो चुके हैं। फिलहाल ईवीएम एम-थ्री मॉडल से पंचायत चुनाव कराने के मामले में अब 12 अप्रैल को पटना हाईकोर्ट में दोनों आयोगों के वकील अपना-अपना पक्ष रखेंगे। 

नए सिरे से बनेगी मतदाता सूची 

इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की तैयारियों में पूरी तरह जुटा हुआ है। आयोग ने जिलों से तीन सौ से अधिक पंचायतों के नव गठित नगर निकायों में शामिल होने के बाद नई स्थिति की रिपोर्ट तलब की है। जिलों से कहा गया है कि नवगठित पंचायतों और दूसरी पंचायत में शामिल हुए गांवों को नई पंचायतों में जोड़ते हुए मतदाताओं का ब्योरा उपलब्ध कराएं। इसी आधार पर स्क्रूटनी कर नए सिरे से मतदाता सूची बनाने का निर्देश दिया जाएगा। दरअसल, पंचायतों के विघटन के बाद सैकड़ों गांव शहरी क्षेत्र में चले गए हैं। वहीं, बड़ी संख्या में गांवों को दूसरी पंचायतों में शामिल किया गया है। इसके अलावा नई ग्राम पंचायत भी सृजित की गई हैं। आयोग ने ऐसे सभी गांवों और पंचायतों का ब्योरा जिलों से तलब किया है।

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