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Bihar MLC Election Results 2026: शिक्षक निर्वाचन की सभी 4 सीटों के रिजल्ट ने चौंकाया, दिग्गज नेता हुए धराशायी

Published: Wed, 28 Oct 2026 02:07 PM (IST)

Bihar MLC Election Results: बिहार विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के 2026 के परिणाम चौंकाने वाले रहे, जहां कई दिग्गज ...और पढ़ें

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HighLights

  1. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम रहे बेहद चौंकाने वाले।

  2. कई अनुभवी नेताओं को चुनाव में मिली करारी हार।

  3. भाजपा, जनसुराज, राजद और निर्दलीय ने जीती सीटें।

डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar MLC Results 2026 में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के रिजल्ट चौंकाने वाले हैं। इन सीटों पर कई सालों से जमे दिग्गज परास्त हुए हैं, तो वहीं ज्यादातर सीटों पर नए उम्मीदवारों (Bihar MLC Winners) ने कमाल किया है।

विजेताओं की बात करें तो कुल 4 में से बीजेपी, जनसुराज, राजद और निर्दलीय ने 1-1 सीट पर कब्जा किया है। इस स्टोरी में सभी शिक्षक निर्वाचन सीटों के चुनाव परिणाम (Bihar MLC chunav results) और प्रत्याशियों के बैकग्राउंड के बारे में जानेंगे।

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र

पहली शिक्षक सीट से राजद के डॉक्टर संजीव कुमार ने 1996 से लगातार पांच बार चुनाव जीतने वाले बीजेपी प्रत्याशी नवल किशोर यादव को पटखनी दी है।

डॉ. संजीव कुमार का परिवार लंबे समय से खगड़िया की राजनीति में प्रभाव रखता रहा है। वह पूर्व मंत्री और पांच बार विधायक रहे रामानंद प्रसाद सिंह (आरएन सिंह) के बेटे हैं।

भाजपा की ओर से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद नवल किशोर यादव ने जीत का दावा किया था और कहा था कि इस बार वह छक्का मारेंगे और गेंद बाउंड्री के पार जाने के बजाय पवेलियन में जाकर गिरेगी, लेकिन राजद प्रत्याशी ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर दिया है।

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र

सारण सीट पर का रिजल्ट तो एनडीए के लिए के लिए गहरा दर्द दे गया है। यहां से बीजेपी के बागी और निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज ने जदयू के प्रत्याशी ने जदयू के आनंद पुष्कर को पटखनी दी।

आनंद पुष्कर की लगातार यह दूसरी हार है। इससे पहले 2023 के उपचुनाव में वह CPI प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे, जिसमें जन सुराज समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी आफाक अहमद ने उन्हें हरा दिया था।

वहीं, राहुल राज डॉ. राहुल राज भाजपा में प्रदेश स्तर पर पदाधिकारी रह चुके हैं। पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया।

इस कदम के बाद भाजपा ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बावजूद राहुल राज ने चुनाव मैदान में अपनी दावेदारी बनाए रखी और अंततः जीत हासिल की।

तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र

तिरहुत विधान परिषद चुनाव में बीजेपी के डॉ. नरेंद्र प्रसाद ने जीत दर्ज की है। उन्होंने लगातार 2 बार से MLC रह चुके संजय कुमार को हराया। दूसरे नंबर पर भूषण झा रहे।

नरेंद्र सिंह इस सीट से MLC रह चुके हैं, लेकिन पिछला दो चुनाव अच्छा नहीं रहा था। वर्ष 2014 के चुनाव में जदयू से अलग होकर लड़ी भाजपा ने यह सीट गंवा दी थी।

इस सीट पर दूसरे नंबर पर रहे भूषण झा को प्रशांत किशोर ने टिकट दिया था, लेकिन बाद में झा ने जन सुराज का टिकट लौटा दिया और निर्दलीय लड़े, लेकिन चुनाव हार गए।

दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र

इस सीट से जनसुराज ने खाता खोला है। यहां सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के कद्दावर नेता और लगातार 2 बार से MLC मदन मोहन झा को पटखनी दी है।

मदन मोहन मनीगाछी विधानसभा क्षेत्र से 2 बार विधायक भी रह चुके हैं और 2015 से 2017 तक बिहार सरकार में राजस्व मंत्री रहे। उनके पिता डॉ. नागेंद्र झा बिहार के शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। मदन 2018 से 2022 तक बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का पद भी संभाल चुके हैं।

वहीं, सुरेश प्रसाद राय भारतीय जनता पार्टी के शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश स्तर के सह-संयोजक भी रह चुके हैं। पिछले चुनाव में उन्होंने इसी सीट पर बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था और कांग्रेस के मदन मोहन से हार गए थे। इस बार टिकट बंटवारे से नाराज होकर उन्होंने चुनाव से ठीक पहले जन सुराज पार्टी का दामन थाम लिया था।