'सदन पैसे उठाने की जगह नहीं...', बिहार में पवन सिंह पर बरसे जेडीयू MLC; फिर तेजस्वी यादव को भी घेरा
बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र में जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर सियासी बहस छिड़ गई। जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने बीजेपी ...और पढ़ें

जेडीयू MLC नीरज कुमार, बीजेपी एमएलसी पवन सिंह और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव
HighLights
जनप्रतिनिधियों की सदन में अनुपस्थिति पर बिहार में सियासी बहस तेज।
जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने पवन सिंह, तेजस्वी यादव को घेरा।
सदन जनता की आवाज उठाने का महत्वपूर्ण मंच है।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के अंतिम दिन सदन में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी को लेकर सियासी बहस तेज हो गई। जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने बीजेपी एमएलसी पवन सिंह की सदन में अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सदन जनता की आवाज उठाने का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और जनप्रतिनिधियों को इसकी कार्यवाही में नियमित रूप से शामिल होना चाहिए।
नीरज कुमार ने कहा कि सदन केवल वेतन और सुविधाएं हासिल करने की जगह नहीं है। जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे सदन में पहुंचकर जनता से जुड़े मुद्दों को उठाएं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करें।
उन्होंने कहा कि नए सदस्यों के लिए सदन की कार्यवाही में भाग लेना सीखने और संसदीय नियमों को समझने का भी महत्वपूर्ण अवसर होता है।
पवन सिंह की गैरमौजूदगी पर नीरज कुमार का निशाना
नीरज कुमार ने कहा कि किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि की लगातार गैरमौजूदगी उचित नहीं मानी जा सकती। जनता ने जिस भरोसे के साथ अपने प्रतिनिधियों को चुना है, उस भरोसे को निभाना उनकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि पवन सिंह आगे से विधान परिषद की कार्यवाही में नियमित रूप से हिस्सा लेंगे और जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाएंगे।
हालांकि, मानसून सत्र के अंतिम दिन बीजेपी एमएलसी पवन सिंह विधान परिषद पहुंचे। इस दौरान बीजेपी और जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता भी उनके साथ मौजूद थे।
सदन पहुंचने के बाद पवन सिंह ने विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह से शिष्टाचार मुलाकात भी की।
तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर भी सवाल
पवन सिंह के बाद नीरज कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सदन में अनुपस्थिति को लेकर भी निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मानसून सत्र के दौरान तेजस्वी यादव सदन की कार्यवाही में नजर नहीं आए।
नीरज कुमार के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष का पद संवैधानिक जिम्मेदारी से जुड़ा है और इस पद पर बैठे व्यक्ति की सदन में मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण है।
जेडीयू नेता ने कहा कि विपक्ष की भूमिका सरकार से सवाल पूछने और जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने की होती है।
ऐसे में नेता प्रतिपक्ष का सदन से दूर रहना लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि आखिर तेजस्वी यादव कहां हैं और सदन की कार्यवाही में क्यों शामिल नहीं हुए।
विदेश यात्रा को लेकर भी साधा निशाना
नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को लेकर तंज कसते हुए कहा कि ऐसी चर्चा है कि वे अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध में मध्यस्थता करने गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसा नहीं है तो फिर नेता प्रतिपक्ष सदन की कार्यवाही से लगातार दूर क्यों रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों को मिलने वाले वेतन और सुविधाओं के साथ सदन की कार्यवाही में भाग लेने की जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।
नीरज कुमार ने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों से उम्मीद करती है कि वे सदन में मौजूद रहकर उनकी आवाज उठाएंगे।
लालू प्रसाद की सेवा के दावे पर भी कटाक्ष
तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी को लेकर आरजेडी की ओर से दिए जाने वाले तर्कों पर भी नीरज कुमार ने सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि अक्सर यह दावा किया जाता है कि तेजस्वी यादव अपने पिता लालू प्रसाद यादव की सेवा में व्यस्त हैं।
नीरज कुमार ने इसी दावे पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि अगर तेजस्वी यादव लालू प्रसाद यादव की सेवा में व्यस्त हैं, तो विदेश से उनकी तस्वीरें सामने आने की खबरें क्यों आती हैं।
इस बयान के साथ बिहार की सियासत में सदन में उपस्थिति को लेकर एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है।
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