पटना/ मुजफ्फरपुर [जागरण टीम]। बिहार के नगर विकास व आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा पर सोमवार को पश्चिम बंगाल के तारापीठ में दबंगों ने हमला कर दिया। उन्हें बचाने में सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गए। घटना की सूचना के बावजूद पश्चिम बंगाल सरकार उदासीन बनी रही। हालांकि, स्‍थानीय पुलिस का कहना है कि प्रथमदृष्‍टया गलती दोनों पक्ष की है।

जानकारी के अनुसार मंत्री सुरेश शर्मा पश्चिम बंगाल के तारापीठ में पूजा करने गए थे। पूजा-अर्चना के बाद वे अपने होटल 'सोनार बांग्ला' पहुंचे। वहां होटल कर्मियों से कमरा दिखाने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि इसके बाद मंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने होटल कर्मियों पर हमला किया। फिर, जवाब में होटल कर्मियों ने मंत्री के काफिले पर हमला कर दिया। इस दौरान मंत्री का परिचय देने पर होटल कर्मियों ने कहा कि ऐसे न जाने कितने मंत्री होटल में ठहरने आते हैं। मंत्री का बचाव करने के दौरान उनके सुरक्षाकर्मियों को चोट आई है।

मंत्री के आप्त सचिव संजीव कुमार ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले का संज्ञान नहीं लिया। उसने प्रोटोकॉल का भी पालन नहीं किया। पूर्व सूचना के बावजूद मंत्री को सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई थी। उन्‍होंने बताया कि घटना के बाद स्‍थानीय थाना को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय को घटना की सूचना दी गई। गृह मंत्रालय ने घटना को गंभीरता से लिया।
इस बीच घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय बिहारी एकत्र हो गए। उन्होंने मंत्री को पूरी तरह सुरक्षित बताया। इस बीच मंत्री से पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने बात की है। एक स्‍थानीय पुलिस अधिेकारी ने बताया कि घटना की जांच आरंभ कर दी गई है।