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Video: बिहार के मंत्री के सामने ही मांगी 50 हजार की रिश्वत; फोन पर सुनते ही बोले- एक घंटे में सस्पेंड करो

Published: Sat, 01 Aug 2026 02:09 PM (IST)Updated: Sat, 01 Aug 2026 03:17 PM (IST)

मंत्री लखींद्र पासवान की जन सुनवाई में सीतामढ़ी के एक व्यक्ति ने एससी-एसटी अनुदान के लिए 50 हजार की रिश्वत ...और पढ़ें

HighLights

  1. मंत्री के सामने फोन पर मांगी 50 हजार की रिश्वत।

  2. एससी-एसटी अनुदान के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर ने की मांग।

  3. मंत्री ने तत्काल निलंबन और कार्रवाई का दिया आदेश।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखींद्र पासवान की जन सुनवाई में शनिवार को भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सबको हैरान कर दिया।

 सीतामढ़ी के एक व्यक्ति ने मंत्री के समक्ष आरोप लगाया कि एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत मिलने वाली अनुदान राशि जारी करने के बदले उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है।

शिकायत को मंत्री ने बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने फरियादी से कहा कि वह संबंधित डाटा एंट्री ऑपरेटर को तत्काल फोन लगाए।

फरियादी कमलेश पासवान ने मंत्री के सामने ही कॉल किया। फोन उठाते ही डाटा एंट्री ऑपरेटर ने एक बार फिर 50 हजार रुपये की मांग दोहरा दी। यह बातचीत सुनकर वहां मौजूद अधिकारी और अन्य लोग भी स्तब्ध रह गए।

मंत्री ने तत्काल जिला कल्याण पदाधिकारी को लगाया फोन

फोन पर रिश्वत मांगने की बात सामने आने के बाद मंत्री लखींद्र पासवान ने तत्काल सीतामढ़ी के जिला कल्याण पदाधिकारी (डीडब्ल्यूओ) को फोन लगाया।

उन्होंने पूछा, "चंदन कुमार कौन है?" इस पर अधिकारी ने बताया कि वह विभाग में डाटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है।

मंत्री ने अधिकारी से कहा, 'अभी इसकी रिकॉर्डिंग मेरे सामने हुई है। एससी-एसटी केस संख्या 129/26 में अनुदान राशि दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। इसे तुरंत सस्पेंड कीजिए।'

अधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया तो मंत्री ने सख्त लहजे में कहा, 'एक घंटे के भीतर इसे निलंबित कर कार्रवाई करें। इसके बाद आपके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।'

'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर सरकार

मंत्री लखींद्र पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने या अनियमितता बरतने की शिकायत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले कर्मी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

विभाग में मचा हड़कंप

मंत्री के सामने ही कथित रूप से रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने फरियादी कमलेश पासवान को भरोसा दिलाया कि उसकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई होगी और यदि वह योजना का पात्र लाभुक है तो उसे बिना किसी बाधा के नियमानुसार अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

हालांकि, खबर लिखे जाने तक आरोपित डाटा एंट्री ऑपरेटर चंदन कुमार की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।