बिहार में नकली और घटिया दवाओं पर कसेगा शिकंजा, शिकायत के लिए जारी हुआ ई-मेल और फोन नंबर, गोपनीय रहेगी पहचान
बिहार स्वास्थ्य विभाग ने नकली और घटिया दवाओं की शिकायत के लिए विशेष ई-मेल आईडी और फोन नंबर जारी किए ...और पढ़ें

नकली दवाओं पर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग की पहल। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
नकली दवाओं की शिकायत के लिए विशेष ई-मेल और फोन नंबर जारी।
बिहार स्वास्थ्य विभाग ने गुणवत्ताहीन दवाओं पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए।
शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रहेगी, ताकि वे निर्भीक होकर शिकायत करें।
राज्य ब्यूरो, पटना। नकली और घटिया दवाओं के कारोबार पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निगरानी एवं शिकायत निवारण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।
इन दवाओं से संबंधित शिकायतों के लिए विशेष ई-मेल आइडी drugcomplaintbihar@gmail.com और फोन नंबर 0612-4619634 जारी किए गए हैं।
किसी भी समय कर सकते हैं शिकायत
आम नागरिक ई-मेल के माध्यम से किसी भी समय अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फोन नंबर पर सोमवार से शुक्रवार तक पूर्वाह्न 10:00 बजे से शाम 06:00 बजे के बीच शिकायत की जा सकेगी।
इन माध्यमों से आम नागरिक एनएसक्यू (नाॅट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी) अर्थात निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाने वाली दवाओं तथा सब-स्टैंडर्ड दवाओं से संबंधित जानकारी एवं शिकायत विभाग तक पहुंचा सकते हैं।
प्राप्त शिकायतों के आधार पर आवश्यक जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई होगी। शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी, ताकि वे बेझिझक और निर्भीक रहें।
- ई-मेल : drugcomplaintbihar@gmail.com
- फोन नंबर : 0612-4619634
स्वास्थ्य मंत्री ने आवश्यक कदम उठाने का दिया निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने दवाओं की वैज्ञानिक जांच, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, नियमित निरीक्षण तथा नकली एवं अवमानक दवाओं के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
साथ ही, आम नागरिकों के बीच गुणवत्तापूर्ण दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य पारदर्शी निगरानी व्यवस्था, समयबद्ध जांच और जनभागीदारी के माध्यम से दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
शिकायत के लिए विशेष ई-मेल आईडी और निर्धारित समय पर उपलब्ध फोन सुविधा से नागरिकों को दवाओं की गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताओं की जानकारी विभाग तक पहुंचाने में सुविधा होगी।
