बच्चों के लिए बिहार पुलिस की नई पहल, सभी 1338 थानों में खुला बाल सहायता डेस्क; ऐसे मिलेगी मदद
बिहार के सभी 1338 पुलिस थानों में गांधी जयंती से बाल सहायता डेस्क शुरू हो गए हैं, जिनमें पटना में ...और पढ़ें

थाने में हेल्प डेस्क पर तैनात महिला पुलिस। जागरण
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सभी 1338 पुलिस थानों में गांधी जयंती के उपलक्ष्य पर शुक्रवार से बाल सहायता डेस्क (Child Help Desk) की सुविधा शुरू हो गई।
पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक 70 बाल सहायता डेस्क पटना जबकि 60 डेस्क गयाजी में बनाए गए हैं।
इसके अलावा रोहतास में 49, मुजफ्फरपुर में 48, मोतिहारी में 45, भागलपुर में 44, नालंदा में 43, मधुबनी में 42 और दरभंगा एवं भोजपुर में 40-40 बाल सहायता डेस्क बनाए गए हैं।
लड़कियों की शिकायतों के लिए महिला पुलिसकर्मी
सभी थानों में बाल सहायता डेस्क पर अलग से पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। लड़कियों की शिकायतों के लिए महिला पुलिसकर्मी लगाई गई हैं।
यहां बच्चों और उनके अभिभावकों की ओर से मिलने वाली शिकायतों और सहायता के अनुरोधों पर निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों और कार्रवाई का उचित रिकार्ड भी रखा जाएगा। सभी जगह फ्लेक्स एवं साइन बोर्ड पर संबंधित पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर भी लिखे गए हैं, जिसे 24 घंटे सक्रिय रखने को कहा गया है।
इस पर अभिभावक या बच्चों के स्तर से काल करने पर तत्काल सहायता दी जाएगी। बाल सहायता डेस्क की नियमित निगरानी विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रभारी डीएसपी और जिला स्तर के अन्य वरीय अधिकारी को करने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय में अपराध अनुसंधान विभाग (कमजोर वर्ग) ने सभी जिला एसपी से सोमवार तक बाल सहायता डेस्क और नियुक्त कर्मियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
थानों में बोर्ड पर बच्चों के लिए चार आश्वासन
- बात करें - अपनी समस्या बताएं।
- सुने जाएं - आपकी बात गोपनीय रहेगी।
- मदद मिलेगी - सलाह, मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता।
- आप सुरक्षित हैं- हम आपके साथ हैं।
सबसे अधिक बाल सहायता डेस्क वाले 10 जिले
- पटना - 70
- गयाजी- 60
- रोहतास - 49
- मुजफ्फरपुर - 48
- मोतिहारी - 45
- भागलपुर - 44
- नालंदा - 43
- मधुबनी - 42
- दरभंगा - 40
- भोजपुर - 40
