बिहार में 118 साल पुराने जमीन के दस्तावेज भी होंगे ऑनलाइन, घर बैठे देख सकेंगे खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड
बिहार में अब 118 साल पुराने जमीन के दस्तावेज भी घर बैठे देखे जा सकेंगे। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन ...और पढ़ें

दस्तावेजों के लिए नहीं काटने होंगे कार्यालयों के चक्कर। सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में 118 साल पहले खरीदी और बेची गई जमीन के दस्तावेजों को भी जल्द ही घर बैठे देखा जा सकेगा।
इसके लिए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग पुराने निबंधित दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन का काम लगातार कर रहा है।
विभाग के अनुसार, वर्ष 1996 से 2005 तक के दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन का काम पूरा कर लिया गया है। इस अवधि के कुल 68 लाख 51 हजार दस्तावेजों को स्कैन कर पीडीएफ बनाया गया है।
118 साल पहले खरीदी-बेची गई जमीन के दस्तावेज भी होंगे ऑनलाइन
इनमें से 66 लाख दस्तावेजों के पीडीएफ को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है। आम लोग इनकी सच्ची प्रतिलिपि को आसानी से देख और डाउनलोड कर सकते हैं।
वहीं, 2006 से अब तक के सभी दस्तावेज भी कंप्यूटरीकृत निबंधन प्रणाली के तहत पोर्टल पर मौजूद हैं। अब जो भी नया निबंधन हो रहा है, उसका लिंक पक्षकार के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है। इससे वे तुरंत दस्तावेज डाउनलोड कर सकते हैं।
5 करोड़ 15 लाख दस्तावेजों को किया जाएगा डिजिटाइज
विभाग के अनुसार, वर्ष 1908 से 1995 तक के लगभग पांच करोड़ 15 लाख दस्तावेजों को डिजिटाइज करने का लक्ष्य है।
इनमें से अब तक 77 लाख 80 हजार दस्तावेज विभाग की वेबसाइट (https://enibandhan.bihar.gov.in) पर अपलोड किए जा चुके हैं।
इस काम के लिए दस एजेंसियां लगाई गई हैं, जो हर दिन हजारों दस्तावेजों को स्कैन एवं अपलोड कर रही हैं। इससे आमजन को काफी फायदा होगा। उन्हें पुराने दस्तावेजों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
