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बिहार में जमीन कब्जे के खेल में बड़े नाम, अफसर-पुलिस गठजोड़ की होगी जांच; EOU की भी एंट्री

Published: Sun, 27 Sep 2026 06:00 AM (IST)

बिहार में भूमि माफिया सरकारी अफसरों, पुलिस और स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर जमीन कब्जा कर रहे हैं। पुलिस मुख्यालय ...और पढ़ें

बिहार पुल‍िस मुख्‍यालय ने पटना डीएम को ल‍िखा पत्र।

बिहार पुल‍िस मुख्‍यालय ने पटना डीएम को ल‍िखा पत्र।

HighLights

  1. भूमि माफिया, सरकारी अफसरों और पुलिस की मिलीभगत से जमीन कब्जा।

  2. पटना के नौबतपुर और मुजफ्फरपुर में करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जा।

  3. पुलिस मुख्यालय और ईओयू द्वारा मामले की विस्तृत जांच शुरू।

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में भूमि माफिया सरकारी अफसरों, पुलिस, स्थानीय नेता और दबंगों के साथ मिलकर जमीन कब्जे का खेल कर रहे हैं।

पुलिस मुख्यालय के संज्ञान में पटना के नौबतपुर और मुजफ्फरपुर के कांटी एवं मुशहरी में करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा दिलाने और बंदरबांट का मामला सामने आया है।

इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और पटना डीएम को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच करने तथा दोषियों पर कार्रवाई करने को कहा है।

इस मामले की निष्पक्षता से जांच के लिए जल्द ही मुख्यालय स्तर से उच्च पदाधिकारियों की टीम बनाकर जांच शुरू की जाएगी।

नौबतपुर में मठ की 500 कट्ठा जमीन मामले में नपे थानेदार, अफसर-ठेकेदार की भी मिलीभगत

नौबतपुर के पास पैनापुर में मठ की करीब 500 कट्ठा जमीन के बंदरबांट का मामला सामने आया है। इस मामले में स्थानीय पुलिस पर एक पक्ष का साथ देने का आरोप लगाया गया है। 

इसके बाद पटना एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए नौबतपुर के थानेदार को दो दिन पहले निलंबित कर दिया है। इस जमीन की खरीद बिक्री में कुछ प्रशासनिक अफसरों की भूमिका भी सामने आई है, जिसकी विस्तृत जांच के लिए पुलिस मुख्यालय ने पटना डीएम को पत्र लिखा है।

कांटी और मुशहरी के राजस्व अफसरों की भूमिका की होगी जांच, लोजपा विधायक पर भी आरोप

मुजफ्फरपुर के कांटी और मुशहरी अंचल में बड़े स्तर पर प्रशासिनक गठजोड़ की मदद से जमीन हड़पने और कब्जा दिलाने की शिकायतें सामने आई हैं।

अहियापुर में करीब 50 लोगों की जमीन कब्जे की नीयत से चारदीवारी तोड़े जाने का मामला भी इसमें शामिल है। इसको लेकर स्थानीय थाने में कई प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। 

इनमें बेलसंड से लोजपा के विधायक अमित कुमार रानू, उनके भाई और सहयोगियों पर भी प्राथमिकी हुई है। इसका पुलिस अनुसंधान भी चल रहा है।

इन मामलों में राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। इसको लेकर पुलिस मुख्यालय ने भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के सचिव को पत्र लिखकर मुख्यालय स्तर से विस्तृत जांच कराने को कहा है।

ईओयू भी बना रहा जमीन माफियाओं की कुंडली

राज्य में पैसे और पैरवी के बल पर जमीन कब्जा करने वाले अपराधियों के विरुद्ध आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई भी चल रही है। ईओयू की टीम ऐसे जमीन माफियाओं की कुंडली तैयार कर रहा है।

पिछले दिनों नालंदा के जमीन माफिया संजय कुमार उर्फ संतोष डाॅन और जमुई के जमीन माफिया गुड्डू यादव के गिरोह के ठिकानों पर छापेमारी भी गई है।

इन दोनों के मामलों में भी जमीन खरीद-बिक्री में प्रशासनिक अफसरों की भूमिका की जांच हो रही है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी ऐसे भू माफियाओं को चिहि्न्त किया जा रहा है।