जमीन की जमाबंदी में गड़बड़ी है तो न हों परेशान, पंचायत प्रतिनिधि करेंगे मदद; मृत खातेदारों के वारिसों का नाम होगा दर्ज
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमाबंदी सुधार अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों की मदद लेने का निर्देश दिया है, ताकि ...और पढ़ें

11 जिलों के 22 अंचल कार्यालयों का औचक निरीक्षण
HighLights
पंचायत प्रतिनिधि जमाबंदी सुधार अभियान में करेंगे मदद।
मृत जमाबंदी धारकों के उत्तराधिकारियों के नाम होंगे दर्ज।
आरसीएमएस पोर्टल पर पुराने न्यायालयीन मामले जल्द निपटाए जाएंगे।
राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जमाबंदी सुधार अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों की मदद ली जाए। मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य और पंचों के साथ बैठक कर मृत जमाबंदी धारकों की पहचान करने और उनके उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि राजस्व कर्मचारी प्रतिदिन मौजा में जाकर जमाबंदी और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों की जांच करें। उनके काम की नियमित समीक्षा भी की जाए।
सचिव शनिवार को पटना में आयोजित भूमि सुधार उप समाहर्ताओं के कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
एक साल से पुराने न्यायालयीन मामले जल्द निपटाने के निर्देश
आरसीएमएस पोर्टल पर न्यायालयीन मामलों की समीक्षा के दौरान सचिव ने एक साल से अधिक पुराने सभी मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगली समीक्षा में पुराने मामलों का लंबित रहना स्वीकार्य नहीं होगा।
बैठक में सचिव सीमा त्रिपाठी, अपर सचिव डा. महेंद्र पाल, संयुक्त सचिव डा. सुनील कुमार, संजय कुमार सिंह, उप निदेशक मोना झा सहित विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।
11 जिलों के 22 अंचल कार्यालयों का औचक निरीक्षण
45 दिवसीय जमाबंदी सुधार एवं उत्तराधिकार नामांतरण अभियान की निगरानी और अंचल स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दूसरे शनिवार को भी मुख्यालय के वरीय अधिकारियों की टीम फील्ड में उतरी।
विभागीय अधिकारियों की टीम ने राज्य के 11 जिलों के 22 अंचल कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ऑनलाइन राजस्व सेवाओं, अभिलेखागार और अभियान बसेरा की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों को सुबह-शाम अभियान की निगरानी का निर्देश
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डा. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को सुबह-शाम अभियान की निगरानी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने अंचल कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करने और लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने को कहा।
मंत्री ने कहा कि दो साल से अधिक पुराने मामलों के निष्पादन में ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति खत्म होनी चाहिए। लंबित प्रतिवेदनों पर तत्काल जवाबदेही तय की जाए और हर काम निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।
