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बिहार में जजों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने की तैयारी, 60 से 62 साल करने की पहल; 1653 न्यायिक अधिकारियों पर पड़ेगा असर

Published: Mon, 31 Aug 2026 06:27 PM (IST)

पटना हाईकोर्ट ने बिहार के न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की प्रक्रिया शुरू की ...और पढ़ें

पटना हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट

HighLights

  1. पटना हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की पहल की।

  2. न्यायिक अधिकारियों की उम्र 60 से 62 वर्ष होगी।

  3. राज्य सरकार की मंजूरी के बाद प्रस्ताव लागू होगा।

विधि संवाददाता, पटना। बिहार के न्यायिक अधिकारियों के लिए बड़ी खबर है। पटना हाईकोर्ट ने उनकी सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की दिशा में औपचारिक पहल शुरू कर दी है। हाईकोर्ट के फुल कोर्ट के निर्णय के बाद रजिस्ट्रार जनरल ने राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।

अगर राज्य सरकार की ओर से जरूरी प्रशासनिक और वैधानिक प्रक्रिया पूरी होती है, तो जिला न्यायपालिका में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु दो वर्ष बढ़ सकती है। इससे अनुभवी अधिकारियों को सेवा में बने रहने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

18 अगस्त की फुल कोर्ट बैठक में लिया गया था फैसला

पटना हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश सुधीर सिंह की अध्यक्षता में 18 अगस्त 2026 को फुल कोर्ट की बैठक हुई थी। इसमें बिहार के न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया गया था।

इसी निर्णय के अनुपालन में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने 31 अगस्त 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजा। पत्र में फुल कोर्ट के फैसले से राज्य सरकार को अवगत कराते हुए आगे की आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में बढ़ी आगे की प्रक्रिया

हाईकोर्ट का यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट में चल रहे ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य मामले में जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों की सेवा शर्तों और सेवानिवृत्ति आयु से जुड़े निर्देशों के आलोक में लिया गया है।

फुल कोर्ट से निर्णय होने के बाद अब इसे प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर प्रशासनिक और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सरकार की ओर से जरूरी कदम उठाए जाने के बाद ही प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू हो सकेगा।

1653 न्यायिक अधिकारियों को मिलेगा संभावित लाभ

पटना हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बिहार में कुल 1653 न्यायिक अधिकारी कार्यरत हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति आयु में दो वर्ष की प्रस्तावित बढ़ोतरी का जिला न्यायपालिका पर व्यापक असर पड़ सकता है।

सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ने से अनुभवी न्यायिक अधिकारियों की सेवाएं दो वर्ष और उपलब्ध रहेंगी। इससे न्याय प्रशासन को उनके लंबे अनुभव, विशेषज्ञता और संस्थागत ज्ञान का लाभ मिलने की उम्मीद है।

अब सरकार की मंजूरी पर टिकी निगाहें

हाईकोर्ट की ओर से पहल पूरी होने के बाद अब गेंद राज्य सरकार के पाले में है। सामान्य प्रशासन विभाग को आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी। इसके बाद ही 60 से 62 वर्ष सेवानिवृत्ति आयु करने का प्रस्ताव प्रभावी हो सकेगा।

यानी फिलहाल यह प्रस्ताव और प्रक्रिया के स्तर पर है। अंतिम रूप से सेवानिवृत्ति आयु बढ़ने के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक प्रशासनिक एवं वैधानिक कार्रवाई पूरी होना जरूरी है।