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बिहार की 20 हजार महिलाओं का कमाल, बकरियों से खड़ा किया 15 करोड़ का कारोबार; 2021 में शुरू हुआ सफर

Published: Sat, 03 Oct 2026 08:08 PM (IST)

जीविका दीदियों ने सीमांचल के चार जिलों में बकरी पालन और मांस उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा ...और पढ़ें

बकरी पालन ने बदली सीमांचल की तस्‍वीर। सौ-आईपीआरडी

बकरी पालन ने बदली सीमांचल की तस्‍वीर। सौ-आईपीआरडी

HighLights

  1. सीमांचल में 20 हजार जीविका दीदियों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया।

  2. बकरी पालन व मांस उत्पादन से 15 करोड़ रुपये का कारोबार।

  3. बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर उत्पादकों को सीधा लाभ।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक सहभागिता को मजबूत करने में जीविका के स्वयं सहायता समूह आधारित माॅडल लगातार प्रेरणादायक अवसर पैदा कर रहे हैं।

इसी कड़ी में सीमांचल के चार जिलों अररिया, पूर्णिया, कटिहार एवं किशनगंज में (बकरी पालन एवं मांस उत्पादन) के माध्यम से जीविका दीदियों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।

15 करोड़ से अधिक का कारोबार 

सीमांचल जीविका गोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़ीं करीब 20 हजार महिलाओं की एकजुटता ने मौजूदा समय में 15 करोड़ रुपये से अधिक के संचयी कारोबार के माध्यम से एक नया इतिहास रचा है। 

दिसंबर 2020 में स्थापित और सितंबर 2021 से व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने वाली इस कंपनी ने बकरी पालन को एक संगठित और मूल्य-शृंखला आधारित व्यवसाय में बदलने का काम किया है।

जीविका के अधिकारियों के अनुसार, राज्य के चारों जिलों में बकरी पालन और मांस उत्पादन के कारोबार से 2021-22 में किसानों को किया गया भुगतान 11.47 लाख रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 146.70 लाख रुपये हो गया है।

पारदर्शी मूल्‍य प्रणाली 

वहीं, अगस्त 2026 तक कंपनी ने कुल 15.49 करोड़ रुपये का संचयी टर्नओवर दर्ज किया है। इससे सीधे उत्पादक महिलाओं को 5.71 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

कंपनी की तरफ से लाइव बाॅडीवेट (जीवित वजन) के आधार पर पारदर्शी मूल्य निर्धारण प्रणाली अपनाई गई है। प्रखंड स्तर पर खरीद-बिक्री को सुगम बनाने के लिए 44 डेमो सह कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं।

गांव-गांव तक पशु स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए 700 से अधिक प्रशिक्षित पशु सखियों'' का नेटवर्क कार्यरत है। वर्ष 2025-26 में 2.15 लाख से अधिक डीवॉर्मिंग और 1.95 लाख से अधिक टीकाकरण सेवाएं दी गईं।

इसके अलावा, सीमांचल जीविका मीट आउटलेट के माध्यम से अगस्त 2026 तक 14,566 किग्रा मांस की बिक्री कर 1.03 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया गया है।

जीविका दीदियों ने सीमांचल में बकरी पालन को संगठित बाजार एवं वैज्ञानिक तकनीक से जोड़कर बिचौलियों की भूमिका खत्म की है। ग्रामीण विकास विभाग इस सफल माडल को राज्य के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
श्रवण कुमार, मंत्री, ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग