60 हजार करोड़ की पीएम-सेतु योजना: बिहार के 153 ITI बनेंगे इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग हब, पटना समेत 5 शहरों से शुरुआत
केंद्र सरकार 2026-27 तक बिहार के 153 सरकारी आईटीआई को पीएम-सेतु योजना के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण हब में बदलने की ...और पढ़ें

बिहार के 153 आईटीआई जुड़ेंगे पीएम सेतु योजना से। प्रतीकात्मक फोटो

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दीनानाथ साहनी, पटना। राज्य के सभी 153 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को उपयोगी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री स्किल एंड एम्प्लायबिलिटी ट्रांसफार्मेशन (पीएम-सेतु) स्कीम से सभी आईटीआई को जोड़ने की तैयारी हो रही है।
युवाओं को रोजगारपरक कौशल से लैस करने में केंद्रीय मदद मिलेगी
इस पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। पीएम-सेतु में आईटीआई को शामिल होने से भविष्य में यह लाभ होगा कि कौशल योजनाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप बनाने और युवाओं को रोजगारपरक कौशल से लैस करने में केंद्र की मदद मिलेगी।
आईटीआई में नये-नये पाठ्यक्रम शुरू होंगे और इंटनर्शिप प्रोग्राम में युवाओं को शामिल होने का मौका मिलेगा।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पीएम-सेतु योजना का लाभ उठाने को कहा है।
नये पाठ्यक्रम होंगे शुरू, इंटनर्शिप प्रोग्राम में युवाओं को मिलेगा मौका
इससे यह उम्मीद बंधी है कि निकट भविष्य में राज्य के सभी आइटीआइ का कायाकल्प करने की राह आसान होगी, केंद्रीय आर्थिक सहायता मिलेगी।
पाठ्यक्रम अपग्रेड होंगे और नए पाठ्यक्रम जोड़े जाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कौशल योजनाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप बनाने और युवाओं को रोजगारपरक कौशल से लैस करने में सहायता मिलेगी।
इसकी वजह यह है कि केंद्र सरकार ने पीएम-सेतु का बजट 60 हजार करोड़ रुपये तय कर रखा है। इस योजना में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि केंद्र प्रायोजित पीएम-सेतु योजना में केंद्र का हिस्सा 30,000 करोड़, राज्यों का हिस्सा 20,000 करोड़ और उद्योग का हिस्सा 10,000 करोड़ रुपये होगा।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने बिहार सरकार को लिखा पत्र
पीएम-सेतु योजना में सरकारी आईटीआई को इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग हब के रूप अपग्रेड किया जाएगा। एक हब आईटीआई से औसतन चार स्पोक आईटीआई जुड़े होंगे।
और सभी अपग्रेड किए गए आईटीआई में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, मशीनरी और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। 20-20 मौजूदा कोर्स को अपग्रेड किया जाएगा।
स्किलिंग में नेशनल सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए ग्लोबल पार्टनरशिप में पाठ्यक्रम डिजाइन, ट्रेनर का प्रशिक्षण और समय-समय पर समीक्षा शामिल होगी। सेक्टर और ग्लोबल पार्टनर की पहचान नेशनल स्टीयरिंग कमेटी (एनएससी) द्वारा की जाएगी।
आईटीआई में चार नये कोर्स लागू होंगे और 20 मौजूदा कोर्स को अपग्रेड
पीएम-सेतु योजना के तहत हब आईटीआई में औसतन चार नये कोर्स शुरू किए जाएंगे और 20 मौजूदा कोर्स को अपग्रेड किया जाएगा।
इसी तरह स्पोक आईटीआई में औसतन नये कोर्स शुरू किए जाएंगे और आठ मौजूदा कोर्स को अपग्रेड किया जाएगा। प्रदेश में स्थापित इंडस्ट्री और इंडस्ट्री एसोसिएशन से परामर्श करके योजना के तहत अपग्रेड किए जाने वाले आईटीआई के हब और स्पोक क्लस्टर की पहचान की जाएगी।
पहले चरण में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और दरभंगा में पीएम-सेतु योजना पर कार्यारंभ होगा। राज्य स्तर गठित एक स्टीयरिंग कमेटी उद्योग भागीदारों द्वारा जमा किए गए एसआईपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) का मूल्यांकन करेगी।
केंद्रीय स्तर पर एक नेशनल स्टीयरिंग कमेटी (एनएससी) स्टेट स्टीयरिंग कमेटी (एसएससी) द्वारा अनुशंसित एसआईइपी की समीक्षा करेगी और अंतिम मंजूरी देगी।
