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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

IPS Amit Lodha: 'खाकी' ने लगाया IPS अमित लोढ़ा की वर्दी पर दाग, भ्रष्टाचार को लेकर सस्पेंशन की लटकी तलवार

By Jagran NewsEdited By: Aditi Choudhary
Published: Fri, 09 Dec 2022 09:35 AM (IST)Updated: Fri, 09 Dec 2022 01:56 PM (IST)

IPS Amit Lodha Suspended बिहार कैडर के चर्चित आइपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किए जाने ...और पढ़ें

भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होने के बाद IPS अमित लोढ़ा पर लटकी सस्पेंशन की तलवार
भ्रष्टाचार का मामला दर्ज होने के बाद IPS अमित लोढ़ा पर लटकी सस्पेंशन की तलवार

पटना, जागरण संवाददाता। बिहार कैडर के चर्चित आइपीएस अधिकारी और सुपर काप की छवि वाले अमित लोढ़ा की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स को मदद पहुंचाने के आरोपों के संदर्भ में विशेष निगरानी विभाग ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया है। अब बताया जा रहा है कि उन्हें सस्पेंड भी किया जा सकता है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें सस्पेंड करने की बात कही जा रही है, लेकिन अभी इसको लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

बता दें कि, अपने जीवन पर बनी वेबसीरीज ‘खाकी : द बिहार चैप्टर’ को लेकर वह कठघरे में हैं। यह वेबसीरीज 25 नवंबर में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है और खूब पसंद की जा रही है। यह वेबसीरीज अमित लोढ़ा की लिखी बेस्टसेलर किताब ‘बिहार डायरीज’ पर आधारित है, जो वर्ष 2017 में लिखी गई थी।

अमित लोढ़ा पर लोकसेवा अधिनियम के उल्लंघन का आरोप है। जांच सूत्रों के अनुसार, अमित ने किताब लेखन और वेबसीरीज निर्माण को लेकर पुलिस मुख्यालय या राज्य सरकार से अनुमति नहीं ली थी। वेबसीरीज के फाइनेंस और शूटिंग से जुड़े मुद्दे को लेकर भी वह कठघरे में हैं। वेबसीरीज निर्माण में लगने वाली राशि का इंतजाम करने में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

सरकार ने माना है कि अमित लोढ़ा ने निजी स्वार्थ तथा लाभ के लिए वित्तीय अनियमितताएं की और सरकारी सेवक होते हुए भी नेटफ्लिक्स तथा फ्राइडे स्टोरी टेलर प्रोडक्शन हाउस के साथ व्यावसायिक कार्य किए। इस मामले में अब लोढ़ा के खिलाफ सरकार के निर्देश पर विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। 

पहले की गई प्रारंभिक जांच, सबूत मिलते ही हुई कार्रवाई 

विशेष निगरानी इकाई के अनुसार अमित लोढ़ा द्वारा नेटफ्लिक्स तथा फ्राइडे स्टोरी टेलर के साथ व्यावसायिक कार्यों की जांच की गई, जिसकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपी गई। जांच रिपोर्ट की समीक्षा पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों और सक्षम प्राधिकार द्वारा की गई। इसी रिपोर्ट और सरकार के निर्देश के तहत एसवीयू ने लोढ़ा एवं उनके सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी में पीसी एक्ट और आइपीसी की धाराएं लगाई गई हैं।

लोढ़ा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद इसके अनुसंधान का जिम्मा डीएसपी स्तर के एक पदाधिकारी को सौंपा है। आइजी लोढ़ा ने फ्राइडे स्टोरी टेलर प्राइवेट लिमिटेड एवं नेटफ्लिक्स से करार के रूप में दिनांक 18 अगस्त 2021 को अपने एचडीएफसी अकाउंट पर प्रथम किस्त के रूप में 12372 रूपये लिए हैं। आइजी अमित लोढ़ा की पत्नी कौमुदी लोढ़ा के अकाउंट से प्रोडक्शन हाउस के खाते से कई तिथियों के बीच करीब 49 लाख 63 हजार रूपये का लेनदेन किया गया। वेब सीरीज बनाने में करीब 64 करोड़ की लागत आई। आरोप है कि यह राशि भ्रष्टाचार से अर्जित की गई।

फरार आइपीएस आदित्य कुमार से भी तकरार

गया में आइजी रहते अमित लोढ़ा का विवाद तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार से भी रहा। इस मामले में दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि शिकायत पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गई जिसके बाद दोनों अधिकारियों को एक साथ पद से हटाते हुए वापस पटना बुला लिया गया। अमित लोढ़ा ने शराब माफिया से गठजोड़ मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए आइपीएस आदित्य कुमार पर कार्रवाई को लेकर कई पत्र वरीय अधिकारियों को लिखे थे। यहीं से दोनों आइपीएस अफसरों के बीच विवाद गहराया।

Disclaimer - हमारी शुरुआती खबर समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के आधार पर बनाई गई थी। फैक्टचेक करने पर पुलिस मुख्यालय ने अमित लोढ़ा को सस्पेंड करने की किसी कार्रवाई से इनकार किया है। इस तथ्यात्मक गलती को सुधार दिया गया है। पाठकों को हुई असुविधा के लिए हम खेद जताते हैं और सही सूचना देने की प्रतिबद्धता के तहत इस गलती को सुधारते हुए पूरी खबर को अपडेट कर दिया गया है।