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Bihar Budget 2026 : बिहार बजट सत्र में अवैध खनन पर तीखी बहस, सरकार और विपक्ष आमने-सामने

Published: Tue, 03 Feb 2026 12:30 PM (IST)

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में अवैध खनन का मुद्दा गरमाया। मनिहारी विधायक मनोहर प्रसाद ने अपने क्षेत्र में बड़े ...और पढ़ें

अवैध खनन पर तीखी बहस

अवैध खनन पर तीखी बहस

HighLights

  1. बजट सत्र में अवैध खनन का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा।

  2. मनिहारी विधायक ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उत्खनन का आरोप लगाया।

  3. उपमुख्यमंत्री ने अवैध खनन पर सरकार की कार्रवाई का दावा किया।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अवैध खनन का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा। मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद ने अपने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहे कथित अवैध उत्खनन का मामला उठाते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर बालू और खनिजों का उत्खनन किया जा रहा है, जिससे न केवल राजस्व को नुकसान हो रहा है बल्कि पर्यावरण और स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी खतरे में है।

मनिहारी विधायक का आरोप, क्षेत्र में जारी है अवैध उत्खनन

विधायक मनोहर प्रसाद ने सदन में कहा कि मनिहारी इलाके में अवैध खनन लंबे समय से जारी है और स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा। उन्होंने मांग की कि सरकार इस मामले में ठोस और पारदर्शी कार्रवाई करे, ताकि अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने आरोपों को बताया भ्रामक

विधायक के आरोपों पर जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि अवैध खनन को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है और लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने मनिहारी का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां भी छापेमारी हुई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी कीमत पर अवैध उत्खनन को बर्दाश्त नहीं करेगी।

ओवरलोडिंग पर सरकार का सख्त दावा

विजय सिन्हा ने सदन में यह भी दावा किया कि ओवरलोडिंग के मामले में बिहार देश का पहला राज्य है, जहां इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिवहन और खनन विभाग मिलकर लगातार निगरानी कर रहे हैं और जहां भी नियमों का उल्लंघन होता है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाती है।

विपक्ष का दबाव, कार्रवाई पर उठे सवाल

हालांकि सरकार के दावों के बावजूद विपक्ष ने कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि यदि अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगी होती, तो बार-बार ऐसे मुद्दे सदन में नहीं उठते। उन्होंने सरकार से जमीनी स्तर पर सख्ती बढ़ाने की मांग की।

अवैध खनन बना सियासी बहस का केंद्र

बजट सत्र के दौरान अवैध खनन और ओवरलोडिंग का मुद्दा एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गया। जहां सरकार अपनी कार्रवाई और उपलब्धियों का हवाला दे रही है, वहीं विपक्ष जमीनी हकीकत का सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीखी बहस के संकेत भी दिखने लगे हैं।