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बिहार के सरकारी अस्पतालों में अब जांच और उपचार को मिलेगी रफ्तार, 1460 तकनीकी कर्मियों की पदस्थापना

Published: Sat, 19 Sep 2026 01:47 PM (IST)

बिहार के सरकारी अस्पतालों में तकनीकी मानव संसाधन की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 1460 तकनीकी कर्मियों ...और पढ़ें

अस्पतालों में खाली जगह भरने पर जोर

अस्पतालों में खाली जगह भरने पर जोर

HighLights

  1. स्वास्थ्य विभाग ने 1460 तकनीकी कर्मियों की पदस्थापना की।

  2. इनमें ड्रेसर, एक्स-रे टेक्निशियन और फार्मासिस्ट शामिल हैं।

  3. सरकारी अस्पतालों में जांच और उपचार को मिलेगी रफ्तार।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के सरकारी अस्पतालों में तकनीकी मानव संसाधन की कमी दूर करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) की अनुशंसा पर 792 ड्रेसर, 644 एक्स-रे टेक्निशियन और 24 फार्मासिस्ट की राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थापना की गई है।

इससे मेडिकल कॉलेजों से लेकर जिला, अनुमंडलीय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक तकनीकी सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

एक्स-रे जांच की सुविधा होगी मजबूत

नई पदस्थापना में 644 एक्स-रे टेक्निशियन शामिल हैं। इनके आने से सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे जांच से जुड़े काम को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

खासकर जिला और अनुमंडलीय स्तर के अस्पतालों में मरीजों को जांच के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने पर इसका असर पड़ेगा। BTSC ने इस वर्ष एक्स-रे टेक्निशियन पद के परिणाम और नियुक्ति से संबंधित कई अपडेट जारी किए हैं।

ड्रेसर और फार्मासिस्ट की भी तैनाती

792 ड्रेसर की पदस्थापना से अस्पतालों में उपचार से जुड़े तकनीकी कार्यों के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होगा। इनमें 135 महिलाएं और 657 पुरुष शामिल हैं।

इसके अलावा 24 फार्मासिस्टों की भी पदस्थापना की गई है। विभाग के अनुसार इससे पहले 846 फार्मासिस्टों की पदस्थापना हो चुकी थी और अब यह संख्या बढ़कर 870 हो गई है।

अस्पतालों में खाली जगह भरने पर जोर

इन कर्मियों की तैनाती मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों, जिला अस्पतालों, अनुमंडलीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, रेफरल अस्पतालों समेत अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में की गई है।

इसका उद्देश्य तकनीकी स्टाफ की कमी को कम करना और मरीजों को जांच व उपचार से जुड़ी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर भी नियुक्ति और पदस्थापना से संबंधित सूचनाएं जारी की जाती हैं।

रैंडमाइजेशन से तय हुई पदस्थापना

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पदस्थापना प्रक्रिया में एनआइसी के सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडमाइजेशन अपनाया गया। दिव्यांग अभ्यर्थियों को यथासंभव उनके गृह जिले में पदस्थापित करने का प्रयास किया गया।

वहीं महिला और पुरुष अभ्यर्थियों को मेरिट के अनुरूप निकटवर्ती जिलों के आसपास पदस्थापना देने का प्रयास किया गया।

एक माह में देना होगा योगदान

नवपदस्थापित ड्रेसर, एक्स-रे टेक्निशियन और फार्मासिस्ट को एक माह के भीतर संबंधित संस्थान में योगदान देना होगा। योगदान के समय शैक्षणिक और अन्य आवश्यक मूल प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे।

संबंधित संस्थान के अधीक्षक अथवा अधीक्षक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी प्रमाण-पत्रों का सत्यापन करेंगे। विभाग ने तीन माह के भीतर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने दी शुभकामनाएं

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने सभी नवपदस्थापित कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में तकनीकी कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराकर आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।