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सरकारी या निजी, एंबुलेंस चुनने का मरीज को मिलेगा विकल्प; ब‍िहार में स्वास्थ्य विभाग तय करेगा किराया

Published: Fri, 16 Oct 2026 09:13 PM (IST)

बिहार स्वास्थ्य विभाग निजी एंबुलेंस को 102/112 सेवा से जोड़ रहा है ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर ...और पढ़ें

अब 102 और 112 सेवा से जुड़ेंगी निजी एंबुलेंस। सांकेत‍िक तस्‍वीर

अब 102 और 112 सेवा से जुड़ेंगी निजी एंबुलेंस। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. निजी एंबुलेंस को 102/112 आपातकालीन सेवा से जोड़ा जाएगा।

  2. स्वास्थ्य विभाग मरीजों के लिए एंबुलेंस का किराया निर्धारित करेगा।

  3. मरीजों को सरकारी या निजी एंबुलेंस चुनने का अधिकार मिलेगा।

राज्य ब्यूरो, पटना। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य समय से सभी मरीजों को एंबुलेंस उपलब्ध कराना है, ताकि आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचने में देरी न हो।

इसके लिए निजी एंबुलेंसों की भी सेवा ली जाएगी। उन्हें 102 व 112 सेवा से जोड़ा जाएगा, जिनसे सरकारी एंबुलेंस संबद्ध है। इसके लिए अभी निजी एंबुलेंस की मैपिंग हो रही है।

पता लगाया जा रहा कि किस क्षेत्र में कितनी निजी एंबुलेंस हैं और आवश्यकता पड़ने पर उनका किस प्रकार उपयोग हो सकता है। एक बार सभी एंबुलेंस की मैपिंग हो जाने पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा पहले से सुदृढ़ होगी।

निजी एंबुलेंस की मैपिंग हुई शुरू, किराया तय करेगा स्वास्थ्य विभाग

राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक पदाधिकारी डाॅ. नवल किशोर चौधरी का मानना है कि इससे सरकारी और निजी एंबुलेंस सेवा के बीच प्रतिस्पर्द्धा बढ़ेगी, जिसका लाभ अंतत: मरीजों को मिलेगा।

इस व्यवस्था से उन क्षेत्रों में विशेषकर लाभ होगा, जहां सरकारी एंबुलेंस की संख्या कम है। इसके अलावा अधिक संख्या में एंबुलेंस की उपलब्धता होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में यह सेवा अपेक्षाकृत सुदृढ़ होगी।

दुर्घटना, गंभीर बीमारी या दूसरी आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए उपलब्ध एंबुलेंस की जानकारी जुटाना आसान होगा।

किराया और दंड का प्रावधान

अभी निजी एंबुलेंस संचालकों द्वारा अपने हिसाब से किराया तय किया जा रहा है। नई व्यवस्था में किराये का निर्धारण स्वास्थ्य विभाग करेगा।

इसमें एंबुलेंस संचालकों के लाभ का ध्यान रहेगा, लेकिन यह भी देखा जाएगा कि मरीजोंं का आर्थिक शोषण न हो। किराया प्रति किलोमीटर की दर से तय होगा। 

निर्धारित राशि से अधिक किराये की वसूली नहीं होगी। अधिक राशि लेने वाले एंबुलेंस संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई का भी प्रविधान होगा।

वर्ष अंत तक सुलभ होगी सेवा

बहुत संभव है कि इस वर्ष के अंत तक यह व्यवस्था सुचारू हो जाए। उससे पहले सभी निजी एंबुलेंस को 102 और 112 सेवा से जोड़कर परिचालन का खाका तैयार कर लेने पर जोर है।

आपात स्थिति में काल सेंटर पर फोन आएगा। वहां उपलब्ध एंबुलेंस के हिसाब से सेवा प्रदान की जाएगी। सरकारी और निजी एंबुलेंस, दोनों की उपलब्धता में चयन का अधिकार मरीज का होगा।