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बिहार के सभी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य होगी कंप्यूटर शिक्षा, अभिवावकों के साथ मीटिंग में बोले CM सम्राट

Published: Sun, 27 Sep 2026 09:28 AM (IST)

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजकीय मध्य विद्यालय रामजीचक में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में घोषणा की कि अगले वर्ष से बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य होगी।

बच्चों के साथ संवाद करते मुख्यमंत्री। फोटो X/@samrat4bjp

बच्चों के साथ संवाद करते मुख्यमंत्री। फोटो X/@samrat4bjp

HighLights

  1. सीएम सम्राट चौधरी ने कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने का निर्देश दिया।

  2. अगले वर्ष से सभी सरकारी विद्यालयों में लागू होगी यह योजना।

  3. आधुनिक तकनीक से छात्रों को जोड़ने हेतु इंस्ट्रक्टर की व्यवस्था।

जागरण संवाददाता, पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को राजकीय मध्य विद्यालय रामजीचक (दानापुर) में निपुण पथ पढ़ना, लिखना एवं गणना की थीम पर आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) में शामिल हुए।

इस अवसर पर सीएम ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि अगले वर्ष से सभी सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक योजना तैयार की जाए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इसके लिए दो-तीन स्कूलों पर एक इंस्ट्रक्टर की व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि विद्यार्थियों को कंप्यूटर की शिक्षा नियमित रूप से मिल सके।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव मौजूद रहे। सीएम ने अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया तथा उनके अभिभावकों को पेरेंट्स आफ द मंथ के लिए सम्मानित किया।

पीटीएम में सीएम ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों से संवाद कर विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, पठन-पाठन की व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं परीक्षा परिणाम की जानकारी ली।

पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार के लिए मीटिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीटीएम का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना, शिक्षकों की उपलब्धता एवं विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा विद्यालयों में आवश्यकतानुसार सुविधाओं का विस्तार करना है।

अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद से बच्चों की शैक्षणिक प्रगति को समझने में मदद मिलेगी और यह भी पता चलेगा कि किन विषयों में विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मेरे सपनों का भारत-सेवा चित्र अभियान के अंतर्गत आयोजित राज्यव्यापी सेवा चित्र प्रतियोगिता का अवलोकन किया।

उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनके द्वारा बनाए गए विकसित भारत-2047, सोलर एनर्जी, मेट्रो ट्रेन, रोबोट एवं सपनों का भारत आदि विषयों पर आधारित चित्रों के संबंध में जानकारी ली तथा बच्चों की कल्पनाशीलता की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि सातवीं और आठवीं कक्षा से ही विद्यार्थियों के करियर की मजबूत नींव तैयार होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन का अनावश्यक उपयोग नहीं करने तथा आवश्यकता के अनुसार उसका सदुपयोग पढ़ाई के लिए करने की सलाह दी।

अभिवावकों से संवाद

सीएम ने अभिभावकों से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था या सुविधाओं में सुधार के संबंध में यदि कोई सुझाव हो, तो अभिभावक उसे अवश्य साझा करें। उन्होंने पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव के संबंध में भी अभिभावकों से सुझाव देने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन, शिक्षा विभाग के विशेष सचिव धर्मेंद्र कुमार, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, अन्य वरीय अधिकारी सहित विद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

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