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बिहार के फल उत्पादक किसानों के लिए खुशखबरी! राइपनिंग चैंबर बनाने के लिए 35 प्रतिशत सब्सिडी देगी सरकार

Published: Sat, 04 Jul 2026 07:51 PM (IST)

बिहार सरकार फलों को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से पकाने के लिए राइपनिंग चैंबर स्थापित करने की पहल कर रही ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, पटना। सरकार फलों को सुरक्षित, वैज्ञानिक एवं नियंत्रित तरीके से पकाने के लिए राइपनिंग चैंबर (नियंत्रित तापमान में फल पकाने का गोदाम) की स्थापना की पहल करने जा रही है।

इसके माध्यम से किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों तथा युवाओं को आधुनिक बागवानी मूल्य-शृंखला से जोड़ते हुए आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

केला, आम, पपिता एवं टमाटर सहित विभिन्न फलों के उत्पादन के दौरान एक साथ अधिक मात्रा में उपज आने से किसानों को अक्सर कम कीमत पर फल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

पर्याप्त राइपनिंग चैंबर उपलब्ध नहीं होने के कारण उपज का वैज्ञानिक प्रबंधन नहीं हो पाता, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार अब 35 प्रतिशत या अधिकतम 35,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन क्षमता तक सहायता प्रदान करेगी।

अनुदान देकर राइपनिंग चैंबर बनाने में सहयोग करेगी

पर्याप्त राइपनिंग चैंबर उपलब्ध नहीं होने के कारण उपज का वैज्ञानिक प्रबंधन नहीं हो पाता है। वहीं, बाद के महीनों में राज्य को अन्य प्रदेशों से पके फलों की आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है।

राइपनिंग चैंबर की सुविधा उपलब्ध होने पर फलों को नियंत्रित वातावरण में सुरक्षित रखा जा सकता है। मांग एवं बेहतर बाजार मूल्य के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से बाजार में उपलब्ध कराया जा सकता है।

क्या होता है राइपनिंग चैंबर

राइपनिंग चैंबर में तापमान, आर्द्रता, वायु-संचार तथा एथिलीन गैस की वैज्ञानिक एवं नियंत्रित व्यवस्था होती है। इससे कैल्शियम कार्बाइड जैसे हानिकारक रसायनों के उपयोग की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।

फल प्राकृतिक, सुरक्षित तथा समान रूप से पकते हैं। इससे फलों की गुणवत्ता, स्वाद, रंग, सुगंध और शेल्फ-लाइफ में सुधार होता है, जिससे बाजार में उनकी मांग और मूल्य दोनों बढ़ते हैं।

सरकार किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक परिपक्वन, सुरक्षित भंडारण, बेहतर विपणन एवं आधुनिक मूल्य-शृंखला से जोड़कर उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना चाहती है। राइपनिंग चैंबर जैसी आधुनिक सुविधाएं बिहार को सुरक्षित, उच्च-मूल्य एवं आय-सृजन करने वाली बागवानी का अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। - विजय कुमार सिन्हा, कृषि मंत्री