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कैसे मिले सरकारी नौकरी, जब नहीं हैं योग्य उम्मीदवार, बिहार में 'रिटायर' हुईं सैकड़ों वैकेंसी

Published: Tue, 06 Oct 2026 08:36 AM (GMT+05:30)

बिहार में बेरोजगारी के हाहाकार के बावजूद सरकारी नौकरियों के पद खाली रह रहे हैं क्योंकि विभागों को योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं।

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अक्षय पांडेय, पटना। फाइल खुली, विज्ञापन छपा, नौकरी पुकारती रही, पर अभ्यर्थियों ने मुंह मोड़ लिया। बेरोजगारी के हाहाकार के बीच रोजगार की मांग के बाजार का एक कोना हैरान कर रहा है।

एक तरफ मामूली पदों के लिए ऊंची डिग्रियां लिए युवाओं की लंबी कतारें हैं, तो दूसरी तरफ फाइलों में कुछ पद धूल फांकते नजर आ रहे हैं।

महीनों की मशक्कत के बाद अर्जी एक भी नहीं, अंततः बिना दावेदार के वैकेंसी रिटायर हो गई। कौशल की भरमार के बीच प्रदेश में रिक्तियों के बैरंग लौटने और सुयोग्य अभ्यर्थी न मिलने की कहानियां अचरज में डाल रही हैं।

प्रदेश में हुनरमंद छात्रों की फौज तो खड़ी है, लेकिन विभागों की जरूरत के सांचे में वे फिट नहीं बैठ रहे। एक तरफ युवाओं नाम के आगे नौकरी न लग जाने की मायूसी है, तो दूसरी तरफ दफ्तरों की कुर्सियां योग्य दावेदार की प्रतीक्षा में खाली हैं।

यह हालत इस तरफ इशारा कर रहे हैं कि अब केवल डिग्री बांटने से काम नहीं चलेगा, रोजगार की वास्तविक जरूरतों के हिसाब से प्रतिभाओं को तराशना होगा।

218 पदों के लिए अधियाचना, आवेदन शून्य

सरकारी नौकरी को लेकर युवाओं द्वारा रुचि न दिखाने का ताजा मामला बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) का है। आयोग ने राजकीय पॉलिटेक्निक और राजकीय महिला पालिटेक्निक संस्थानों में विभागाध्यक्ष (एचओडी) के 218 पदों के लिए आवेदन मांगे थे।

26 अगस्त 2025 को विज्ञापन संख्या 91/2025 से लेकर 107/2025 तक प्रकाशित किए थे। दो से नौ सितंबर 2025 तक आवेदन करने की अवधि थी।

हैरानी की बात यह रही कि इनमें से कुल नौ विज्ञापनों के लिए एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुए। रुचि दिखाने वालों की कमी को देखते हुए, आयोग ने विज्ञापनों के लिए पुनः आनलाइन आवेदन आमंत्रित किए। इसके बाद भी स्थिति जस की तस रही और आवेदकों की संख्या शून्य ही रही।

लगातार दो अवसर दिए जाने के बावजूद एक वर्ष तक किसी ने रुचि नहीं दिखाई, तो आयोग ने 29 सितंबर को बिना किसी नियुक्ति प्रक्रिया के संबंधित अधियाचनाओं को मूल विभाग को वापस कर दिया।

पांच महीने में पदों की संख्या से भी कम आवेदन

बीपीएससी ने विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत अभियंत्रण महाविद्यालयों में प्राध्यापक, भौतिकी एवं रसायन के कुल 13 पदों के लिए इसी वर्ष की 30 जनवरी को अधियाचना जारी की थी।

इसके तहत 12 फरवरी से छह मार्च तक आवेदन की समयसीमा थी। 17 जून को आयोग ने पदों की संख्या से भी कम आवेदन पर आने पर 18 से 30 जून तक फिर से आवेदन करने को कहा। इसके बाद कोई सूचना नहीं जारी की गई।

एक पद के लिए नहीं मिला सुयोग्य अभ्यर्थी

गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के अधीन बिहार अग्निशमन सेवान्तर्गत गैर संवर्गीय पद राज्य अग्निशमन परामर्शी एवं सलाहकार के एक (अनारक्षित) रिक्त पद के लिए आयोग ने आवेदन मांगे थे।

विज्ञापन में अंकित शत्तों, उम्मीदवारों द्वारा समर्पित शैक्षणिक/अनुभव/ अन्य प्रमाण पत्रों एवं विशेषज्ञों द्वारा जांचोपरांत अंतिम रूप से कोई भी सुयोग्य नहीं पाया गया।

अधियाचना वापस कर दी गई। इसी तरह बिहार अग्निशमन सेवान्तर्गत निदेशक-सह-राज्य अग्निशमन पदाधिकारी के एक रिक्त पद सुयोग्य आवेदन न मिलने पर अधियाचना वापस की गई।

अधियाचना वापस, विज्ञापन रद

बीपीएससी ने 18 फरवरी, 2025 को उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में न्यायिक सदस्य के एक पद के लिए आवेदन मांगे थे। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधीन प्रक्रिया पूर्ण का जानी थी।

13 अगस्त को आयोग ने सुयोग्य अभ्यर्थियों के न आवेदन करने का हवाला देकर अधियाचना खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग बिहार को वापस कर दी।

विधि विभाग बिहार पटना के अधीन विधायी कार्य सेवा के अंतर्गत सहायक निदेशक (अनुवाद) सह सहायक विधान काउन्सेल के चार पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया।

विधि विभाग द्वारा विभिन्न पत्रांको के माध्यम से उक्त प्रकाशित विज्ञापन की अधियाचना वापसी की मांग की गई, जिसके आलोक में उक्त विज्ञापन की अधियाचना विधि विभाग को वापस की जा चुकी है। अधियाचना वापसी के फलस्वरूप विज्ञापन को रद कर दिया गया।

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