'बिहार के विकास में विदेशों में बसे लोगों की भूमिका अहम', IFS अधिकारियों से बोले राज्यपाल
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने बिहार लोक भवन में भारतीय विदेश सेवा के सात अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने बिहार ...और पढ़ें

बिहार लोक भवन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन के साथ विदेश सेवा के अधिकारी। सौ-लोकभवन
HighLights
राज्यपाल ने सात IFS अधिकारियों से बिहार लोक भवन में मुलाकात की।
बिहार की सांस्कृतिक विरासत और सामरिक महत्व को समझने पर जोर दिया।
विदेशों में बसे बिहारियों को राज्य के विकास से जोड़ने का आह्वान किया।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्यपाल सैयद अता हसनैन से भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 2011 बैच के सात अधिकारियों ने बिहार लोक भवन में जाकर मुलाकात की।
इनमें आकाश गुप्ता, कुमार गौरव, मनुस्मृति, नवीन कुमार, नीतेश कुमार, डाॅ. राजीव रंजन तथा तविषी बहल पाण्डेय शामिल हैं। ये अधिकारी सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बिहार आए हैं।
राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि बिहार की बौद्ध एवं सांस्कृतिक विरासत, नालंदा की ज्ञान परंपरा, नये स्वरूप में नालंदा विश्वविद्यालय का पुनरूद्धार और राज्य की सामरिक महत्ता को गंभीरता से जानने-समझने की जरूरत है।
राज्यपाल से भारतीय विदेश सेवा के पदाधिकारियों ने की मुलाकात
प्रदेश के विकास में राजनयिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने कहा कि बिहार की भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती राज्य के रूप में इसकी अहमियत को देखते हुए इसे एक अलग नजरिए से समझने की भी जरूरत है।
विदेशों में रह रहे लोगों को बिहार के विकास से जोड़ने की जरूरत
हमारे राजनयिकों को देशहित में इसका बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए। राज्यपाल ने विदेशों में रह रहे बिहार के लोगों की क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें बिहार के विकास से जोड़ने की जरूरत है।
इस दिशा में बिहार फाउंडेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने फाउंडेशन को और मजबूत बनाने तथा प्रभावी नेतृत्व विकसित करने पर भी जोर दिया। राज्यपाल ने उच्च शिक्षा के विकास के लिए किए जा रहे नवीन कार्यों के बारे में भी जानकारी दी।
