पटना, राज्य ब्यूरो। MANREGA in Bihar News: बिहार के कई जिलों ने मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में नियमों की अनदेखी कर राशि खर्च करने का मामला सामने आया है। इसमें आवंटित बजट से सामग्री मद में अनुपात से अधिक की राशि खर्च कर दी गई है। ग्रामीण विभाग के अफसरों के इस हेराफेरी की जानकारी विभागीय मंत्री श्रवण कुमार ने समीक्षा के दौरान हुई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी को टीम बनाकर गड़बड़ी की जांच कराने और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कई प्रखंडों में सामग्री मद की राशि के भुगतान पर तत्काल रोक लगा दी गई है।

मजदूरी और सामग्री के अनुपात की तय प्रक्रिया की अनदेखी

मनरेगा में मजदूरी और सामग्री का अनुपात 60:40 तय है। यानी कि सौ रुपये जारी होते हैं तो 60 रुपये मजदूरी पर खर्च होंगे और 40 रुपये योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सामान आदि पर खर्च किए जाएंगे। जिलों में तय प्रक्रिया की अनदेखी की गई है। इसकी जानकारी होते ही सरकार सजग हो गई है और जांच शुरू करने के साथ ही राशि का भुगतान भी रोकना शुरू कर दिया है।

मनरेगा की राशि के खर्च में हेराफेरी पर जांच का आदेश

श्रवण कुमार ने बताया कि समीक्षा में पाया गया है कि कुछ प्रखंडों और जिलों में यह अनुपात बरकरार न रखकर सामग्री मद में 40 फीसद से अधिक राशि खर्च कर दी गई। वहां के जिलाधिकारियों को टीम बनाकर जांच कराकर प्रतिवेदन विभाग के भेजने के निर्देश दिया गया है।

ग्रामीण विकास विभाग की ओर से 19 अरब दिए गए

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि कोरोना काल में लोगों को काम की कमी न पड़े, इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिमान बनाए रखने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा में 19 अरब रुपये दिए गए हैं।