पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Panchayati Raj: बिहार में त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद धीरे-धीरे परामर्शी समितियों के बीच कार्यभार ग्रहण करने का सिलसिला शुरू हो गया है। बिहार में शिवहर पहला ऐसा जिला है, जहां परामर्शी समितियों ने कमान संभाल ली है। इस बीच परामर्शी समितियों के संचालन को लेकर तय दिशा-निर्देश में प्रविधान किया गया है कि लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहने वाले अध्यक्ष से लेकर उपाध्यक्ष और सदस्यों को पद से हाथ धोना पड़ेगा। अहम यह है कि छह महीने तक फरार रहने की स्थिति में कुर्सी चली जाएगी। वहीं, फंड निकासी को लेकर भी संयुक्त हस्ताक्षर का प्रविधान किया गया है। ऐसे में ग्राम पंचायत, ग्राम कचहरी, पंचायत समिति और जिला परिषद में किसी भी फंड की निकासी संयुक्त हस्ताक्षर से सुनिश्चित करनी होगी।

परामर्शी समितियों को कार्यभार सौंपने का निर्देश

सरकार ने परामर्शी समितियों के कार्यभार करने संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। पंचायती राज विभाग ने कहा है कि सन् 2916 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के समय हर जिले में राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्वाचित प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण की तिथि तय कर दी थी। ऐसे में चुनाव में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल ठीक उसके पांच साल बाद उस तिथि को समाप्त हो जाएगा। त्रिस्तरीय पंचायतों के कार्यकाल पूरा होने के ठीक बाद अगले दिन से परामर्शी समिति को चार स्तर पर स्थानीय सरकार चलाने का निर्देश दिया गया है। परामर्शी समितियों में ग्राम पंचायत, ग्राम कचहरी, पंचायत समिति और जिला परिषद के भंग होने की तिथि को कार्यरत सदस्य ही शामिल होंगे।

समितियों के जिलेवार कार्यभार ग्रहण करने तिथि

18 जून को अरवल, जहानाबाद, किशनगंज, शेखपुरा और लखीसराय जिले में परामर्शी समितियां कार्यभार ग्रहण करेंगी। वहीं, 21 जून को नवादा, भागलपुर, पूर्णिया, अररिया, बेगूसराय, खगडिय़ा और जमुई जिले परामर्शी समितियां काम शुरू करेगी। 24 जून को बक्सर, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिले में काम काज संभालेगी। 27 जून को पटना, भोजपुर, नालंदा, रोहतास, कैमूर, गया, औरंगाबाद, सारण, सिवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, बांका, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, कटिहार और मुंगेर जिले में समितियां नए सिरे कामकाज शुरू करेंगी।