राज्य ब्यूरो, पटना। विधानसभा में गुरुवार को अभी प्रश्नकाल आरंभ ही हुआ था और पहला सवाल लिया गया था कि श्रम संसाधन मंत्री जीवेश कुमार बीच में ही अपनी सीट से उठे और गुस्से में कहा कि विधानसभा परिसर में उन्हें पुलिस वालों ने अपमानित किया। उनकी गाड़ी को रोक, डीएम-एसपी गाड़ी को पुलिस वालों ने पास कराया। दोषी अधिकारी को निलंबित किया जाए।

जीवेश कुमार के इतना कहते ही संपूर्ण विपक्ष आसन के आगे आ गया। जमकर अफसरशाही के खिलाफ नारेबाजी होने लगी। विधानसभा की कार्यवाही अव्यवस्थित हो गई। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सदन के किसी भी सदस्य का अपमान विधानसभा का अपमान है। सदन को अपमानित करने का किसी को अधिकार नहीं है। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विधायक सरकार का अंग हैं। किसी भी सदस्य की भावना आहत नहीं होनी चाहिए। इसके बाद भी विपक्ष का शोर नहीं थमा। आसन के आगे से वे नहीं हटे। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने पंद्रह मिनट के लिए प्रश्नकाल को स्थगित कर दिया। विधानसभा की कार्यवाही जब दोबारा आरंभ हुई तो पुन: विपक्ष आसन के समक्ष आकर नारे लगाने लगा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद सभी दलों के नेताओं के साथ इस प्रकरण पर बैठक करेंगे। इसके बाद सदन व्यवस्थित हुआ।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह विधायकों की प्रतिष्ठा को लेकर गंभीर हैं। किसी को बेलगाम नहीं होने दिया जाएगा। जो कर्मी उस वक्त ड्यूटी पर था और इस तरह का व्यवहार किया उसकी जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। सदन की समिति जांच कर जो अनुशंसा करेगी उस पर कार्रवाई होगी। 

राजद ने की दोषी को निलंबित करने की मांग

राजद के ललित यादव ने कहा कि संबंधित दोषी अधिकारी को तुरंत निलंबित करें। कांग्रेस के अजीत शर्मा ने कहा कि इससे बड़ा अपमान क्या हो सकता है? विजय शंकर दूबे ने कहा कि मंत्री (जीवेश कुमार) के बयान के बाद क्या बचता है? आसन इस पर एक्शन के लिए स्वतंत्र है। भाकपा (माले) के महबूब आलम ने कहा कि विधायकों की पिटायी तो हो ही रही है अब मंत्रियों की पिटायी होनी बाकी है।

जानें क्या हुआ था

मुख्यमंत्री का काफिला अपने तय रास्ते से आ रहा। उस रास्ते से दूसरी गाड़ी नहीं आती है। विधानसभा के सामने वाले लान के समीप से जब यह काफिला गुजर रहा था तो विधानसभा मुख्यद्वार से विधानसभा पोर्टिको की ओर आने वाली गाड़ियों को रोक दिया जाता है। मंत्री को पुलिस वालों ने रोका तो उन्हें लगा कि मुख्यमंत्री गुजर रहे हैं, पर मुख्यमंत्री पहले ही निकल चुके थे। उनके काफिले के पीछे डीएम-एसपी की गाड़ी थी। उन्हें निकलने के लिए मंत्री की गाड़ी रोकी गई।

Edited By: Shubh Narayan Pathak