पटना, जेएनएन। बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है और राज्य के नियोजित शिक्षकों और नियमित शिक्षकों के वेतन के भुगतान का निर्देश जारी किया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने आज ये निर्देश जारी करते हुए कहा कि जो शिक्षक हड़ताल में शामिल थे  उन्हें सिर्फ जनवरी माह का वेतन भुगतान किया जा ेगा वहीं जिन शिक्षकों ने मूल्यांकन का कार्य किया था उन्हें दो माह का वेतन जारी किया जाएगा। बता दें कि शिक्षकों की सैलेरी को लेकर राज्य सरकार ने ये बड़ा फैसला किया है। 

जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से 12वीं तक के सभी नियमित और नियोजित शिक्षकों को जनवरी का वेतन भुगतान का निर्देश जारी कर दिया है। अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने बताया कि फरवरी का वेतन उन्हीं शिक्षकों को मिलेगा जो हड़ताल में शामिल नहीं थे। साथ ही वे वार्षिक इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा में वीक्षण व मूल्यांकन कार्य में शामिल हुए हैं। निर्देश के अनुपालन की जिम्मेवारी सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दी गई है। अनुपालन की जानकारी विभाग के निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) एवं निदेशक (प्राथमिक शिक्षा) को 31 मार्च तक ई-मेल आइडी से उपलब्ध करा देनी है। 

उधर, पटना के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने शिक्षकों से एक बार फिर हड़ताल तोडऩे की अपील की है। डीईओ ने कहा है कि शिक्षक अपने काम पर लौट आएं हठधर्मिता किसी समस्या का समाधान नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी के अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान दें तो हड़ताल तोडऩे को तैयार हैं। दूसरी ओर, बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक ब्रजनंदन शर्मा एवं प्रवक्ता मनोज कुमार का कहना है कि शिक्षक अपना एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेंगे, ताकि कोरोना पीडि़तों की मदद की  जा सके। मालूम हो कि वर्तमान में चार लाख शिक्षक हड़ताल पर हैं। वहीं दूसरी ओर कोरोना 31 मार्च को उपवास करने की घोषणा की है ताकि सरकार अपनी हठधर्मिता दूर कर सके। 

Posted By: Kajal Kumari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस