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बिहार में मोबाइल एप बना रोजगार का नया ठिकाना, 1.16 लाख गिग वर्कर्स पंजीकृत; पटना सबसे आगे

Published: Wed, 02 Sep 2026 06:42 PM (IST)

बिहार में मोबाइल ऐप आधारित गिग इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है, जहाँ 1.16 लाख से अधिक गिग वर्कर्स पंजीकृत ...और पढ़ें

स्थायी नौकरी नहीं, एप से मिलता है काम

स्थायी नौकरी नहीं, एप से मिलता है काम

HighLights

  1. बिहार में 1.16 लाख गिग वर्कर्स पंजीकृत, पटना शीर्ष पर।

  2. मोबाइल ऐप आधारित रोजगार युवाओं के लिए नया विकल्प।

  3. फूड, किराना डिलीवरी और कैब सेवाएं प्रमुख काम।

विद्या सागर, पटना। सुबह मोबाइल एप पर ऑर्डर आया और बाइक लेकर निकल पड़े। कभी रेस्टोरेंट से खाना ग्राहक तक पहुंचाया तो कभी किराना सामान की डिलीवरी की। कुछ घंटे बाद फिर एप पर नया ऑर्डर। रोजगार का यह तरीका अब बिहार में तेजी से पैर पसार रहा है।

नौकरी के पारंपरिक विकल्पों के बीच मोबाइल एप और डिजिटल प्लेटफार्म युवाओं तथा कामगारों के लिए कमाई का नया जरिया बन रहे हैं।

रोजगार की तलाश में निकले युवा के लिए अब रास्ता केवल कंपनी या कारखाने के गेट तक नहीं जाता, बल्कि कई बार जेब में रखे मोबाइल से ही शुरू होता है।

बिहार में 1.16 लाख गिग वर्कर्स का पंजीकरण

श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के पोर्टल पर एक सितंबर 2026 तक बिहार में 1,16,376 गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स का पंजीयन हो चुका है। इनमें 8,473 पंजीकरण के साथ पटना सबसे आगे है।

पश्चिम चंपारण में 6,074 और पूर्वी चंपारण में 5,879 गिग वर्कर्स पंजीकृत हैं। इसके बाद मुजफ्फरपुर में 5,644, मधुबनी में 4,612 और दरभंगा में 4,470 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं।

इन जिलों में भी बड़ी संख्या में पंजीकरण

गया में 4,288, सीतामढ़ी में 4,167, पूर्णिया में 3,871 और नालंदा में 3,853 गिग वर्कर्स पंजीकृत हैं। सारण में 3,650, सिवान में 3,614, अररिया में 3,400 और कटिहार में 3,398 पंजीकरण हुए हैं।

वैशाली में 3,328, नवादा में 3,254, समस्तीपुर में 3,250 और भागलपुर में 2,914 गिग वर्कर्स पंजीकृत हैं। कैमूर में 1,783, बक्सर में 1,748, मुंगेर में 1,481 और जहानाबाद में 1,142 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं।

स्थायी नौकरी नहीं, एप से मिलता है काम

गिग इकोनामी की सबसे बड़ी खासियत पारंपरिक नौकरी से अलग काम करने का तरीका है। इसमें कामगार किसी एक संस्थान के स्थायी कर्मचारी के बजाय डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से अलग-अलग सेवाएं देता है।

काम की प्रकृति और समय भी कई मामलों में अपेक्षाकृत लचीला होता है। फूड और किराना डिलीवरी, कैब एवं बाइक राइड, लॉजिस्टिक्स, पैकेज डिलीवरी और ऑनलाइन प्लेटफार्म से जुड़े दूसरे काम इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

बिहार में पंजीकरण, काम दूसरे शहर में भी

आंकड़ों को समझने का अहम पहलू यह है कि बिहार के पते से पंजीकृत हर गिग वर्कर जरूरी नहीं कि राज्य में ही काम कर रहा हो। रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में युवा दिल्ली, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में जाते हैं।

वहां वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्म से जुड़कर काम करते हैं। इसलिए बिहार का पंजीकरण राज्य से जुड़े गिग वर्कर्स की संख्या का संकेत देता है, जबकि उनका वास्तविक कार्यस्थल दूसरे राज्य में भी हो सकता है।

डिलीवरी से कैब तक रोजगार के कई विकल्प

  • फूड डिलीवरी : जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफार्म के माध्यम से रेस्टोरेंट से ग्राहक तक खाना पहुंचाने का काम किया जा सकता है। बाइक या स्कूटर रखने वाले युवाओं के लिए यह प्रमुख विकल्प है।
  • क्विक कामर्स : ब्लिंकिट और जेप्टो जैसे प्लेटफार्म पर किराना और रोजमर्रा के सामान की डिलीवरी के अलावा स्टोर में पिकर जैसे काम भी मिलते हैं।

कैब और लॉजिस्टिक्स में भी अवसर

  • कैब एवं राइड सेवा : पात्र वाहन वाले लोग उबर और ओला जैसे प्लेटफार्म से ड्राइवर पार्टनर के रूप में जुड़ सकते हैं। इसके लिए ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, बीमा और शहर के अनुसार अन्य दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं।
  • लॉजिस्टिक्स : ई-कामर्स और लोकल डिलीवरी नेटवर्क के विस्तार के साथ पैकेज और अन्य सामान पहुंचाने वाले डिलीवरी पार्टनर्स की मांग भी बढ़ रही है।

मोबाइल से आनबोर्डिंग तक पूरी प्रक्रिया

गिग प्लेटफार्म से जुड़ने की प्रक्रिया भी काफी हद तक मोबाइल आधारित हो गई है। इच्छुक व्यक्ति सामान्य तौर पर नाम, मोबाइल नंबर और शहर जैसी जानकारी देकर आवेदन करता है।

इसके बाद संबंधित डिलीवरी या ड्राइवर एप डाउनलोड, दस्तावेज सत्यापन, ऑनलाइन ट्रेनिंग और आनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

वाहन से जुड़े काम के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का रजिस्ट्रेशन और बीमा जैसे दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं। कुछ प्लेटफार्म साप्ताहिक भुगतान, बीमा कवर और लचीले कार्य समय जैसी सुविधाओं की जानकारी भी देते हैं। हालांकि शर्तें और उपलब्ध सुविधाएं प्लेटफार्म तथा शहर के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।