बिहार की बाढ़ पर केंद्र का एक्शन, अमित शाह ने CM से की बात; शिवराज के नेतृत्व में 15 जिलों का जायजा लेगी केंद्रीय टीम
केंद्र सरकार ने बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भेजने का फैसला किया ...और पढ़ें

सम्राट चौधरी और शिवराज सिंह चौहान
HighLights
अमित शाह ने सीएम सम्राट चौधरी से बाढ़ पर बात की।
शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्रीय टीम बिहार आएगी।
टीम 15 बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर आकलन करेगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच केंद्र सरकार ने अब जमीनी हालात और नुकसान का आकलन कराने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली।
इसके साथ ही केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं किसान कल्याण और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्रीय टीम को बिहार भेजने की जानकारी दी गई।
केंद्रीय टीम राज्य के बाढ़ प्रभावित 15 जिलों का दौरा कर स्थिति और नुकसान का आकलन करेगी। सरकार के स्तर पर इसे बाढ़ प्रभावित बिहार के लिए केंद्र की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है।
अमित शाह ने CM से फोन पर लिया बाढ़ का अपडेट
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को नेहरू पथ स्थित बिहार राज्य अभिलेख भवन में आयोजित हिंदी दिवस समारोह के दौरान पत्रकारों को केंद्रीय पहल की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अमित शाह ने फोन पर बिहार में बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली और केंद्रीय टीम भेजने की बात कही। यह टीम बाढ़ से हुए नुकसान और मौजूदा हालात का विस्तृत आकलन करेगी।
शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आएगी टीम
केंद्रीय टीम की अगुवाई केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। टीम के बिहार दौरे का उद्देश्य बाढ़ से प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान और स्थिति का जायजा लेना बताया गया है।
15 प्रभावित जिलों का आकलन होने के बाद केंद्र के सामने राज्य की वास्तविक स्थिति और नुकसान की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी। इसके आधार पर आगे राहत और सहायता से जुड़े फैसलों का रास्ता भी खुल सकता है।
PM मोदी के प्रति CM ने जताया आभार
मुख्यमंत्री ने बिहार की बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन में व्यस्त रहने के बावजूद बिहार की बाढ़ की स्थिति को लेकर संवेदनशील रहे।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय टीम भेजने की पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे बाढ़ से उत्पन्न स्थिति और नुकसान का आकलन करने में मदद मिलेगी।
बाढ़ का स्थायी समाधान अब सरकार के एजेंडे में
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि सिर्फ राहत और बचाव तक सीमित रहने के बजाय बाढ़ की समस्या का दीर्घकालिक समाधान जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बाढ़ के कारण होने वाली जन-धन की क्षति को कम करना और ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे भविष्य में नुकसान को नियंत्रित किया जा सके।
नदियों को जोड़ना भी है, बचाना भी है
सम्राट चौधरी ने बिहार की नदियों को राज्य के जीवन और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि नदियों को जोड़ने के साथ-साथ उनका संरक्षण भी जरूरी है।
नदी तंत्र के संरक्षण, जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण से काम किए जाने की बात उन्होंने कही। सरकार की कोशिश जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के साथ बाढ़ की समस्या को नियंत्रित करने की है।
अब केंद्रीय आकलन पर टिकी नजर
केंद्रीय टीम के दौरे के बाद बाढ़ से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन सामने आने की उम्मीद है। ऐसे में टीम की रिपोर्ट आगे मिलने वाली केंद्रीय सहायता और राहत व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।
फिलहाल अमित शाह की मुख्यमंत्री से बातचीत और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में केंद्रीय टीम भेजने के फैसले ने बिहार की बाढ़ को लेकर केंद्र की सक्रियता का संकेत दिया है।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि केंद्रीय टीम के आकलन के बाद बिहार को राहत और पुनर्वास के लिए क्या मदद मिलती है।
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