बाढ़ के बाद अब बीमारियों की मार: बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में खुजली, फंगल इंफेक्शन और डायरिया का खतरा
बिहार में बाढ़ पीड़ितों को अब जलजनित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे लगभग 47.92 लाख लोग प्रभावित हैं।
-1789241667266_m.webp)
भागलपुर के नाथनगर प्रखंड में बाढ़ से घिरा गांव। (जागरण)
HighLights
बाढ़ प्रभावित बिहार में जलजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा शिविरों में हजारों मरीजों का उपचार।
कटिहार में बाढ़ पीड़ितों ने जनप्रतिनिधियों का किया विरोध।
जागरण टीम, पटना। बिहार में पिछले एक पखवाड़े से बाढ़ के पानी में घिरे पीड़ित अब जलजनित बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। बिहार में गंगा, कोसी और गंडक नदियों में आई भीषण बाढ़ से लगभग 47.92 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। कटिहार में अब तक 50 किलो ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और 3084 हैलोजन टैबलेट बांटे गए हैं।
कुल 113 चिकित्सा शिविरों के जरिए 8,678 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। सिविल सर्जन डा. जितेंद्रनाथ सिंह के अनुसार, मरीजों में फंगल इंफेक्शन, पेट खराब और मौसमी बीमारियों के मामले अधिक हैं।
पांच एंबुलेंस नाव घर-घर जाकर प्रभावितों का उपचार कर रही हैं। खगड़िया में नोचनी (खुजली) के मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यहां 122 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं।
ओआरएस पैकेट का वितरण किया जा रहा है। वहीं, समस्तीपुर में पैरों में फंगल इन्फेक्शन, सूजन और बुखार की समस्या सामने आ रही है।
डायरिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। राज्य में गंगा सहित अन्य नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं हैं, जिससे निचले इलाकों में जलजमाव और तटबंधों पर दबाव बना हुआ है।
भागलपुर के पीरपैंती और अररिया के भरगामा में नहाने के दौरान पांच किशोर समेत छह डूब गए। जिसमें से तीन को ग्रामीणों ने बचा लिया, जबकि दो की मौत हो गई। एक की तलाश जारी है।
भागलपुर में नाथनगर के गांवों में अब भी साढ़े तीन फीट तक पानी बह रहा है। कहलगांव में थाने और शिवनारायणपुर-बरोहिया पथ पर पानी भरा है। कटिहार में शनिवार को प्राणपुर प्रखंड के रोशना, जोड़ेंगा, बंगुरूवा सहित 53 नए गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
कटिहार में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे मंत्री-विधायक का विरोध
कटिहार में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी और विधायक विजय सिंह को शनिवार को बाढ़ पीड़ितों के विरोध का सामना करना पड़ा।
ग्रामीण इस बात से नाराज थे कि जनप्रतिनिधि नाव से अंदरूनी जलमग्न गांवों का जायजा लेने के बजाय भवानीपुर-कुंडी मुख्य सड़क से ही स्थिति देखकर लौट रहे थे।
आक्रोशित भीड़ ने नाव से गांवों के अंदर जाने की मांग करते हुए नारेबाजी की, जिसके बाद मंत्री व विधायक बाढ़ स्वास्थ्य केंद्र से ही वापस लौट गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि उनके गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिरे हैं, लेकिन अब तक उन्हें रहने के लिए तिरपाल, शुद्ध पेयजल और मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध नहीं कराया गया है।
यह भी पढ़ें- Flood Safety Tips: बाढ़ की चपेट में बिहार, कैसे रखें खुद को सेफ? जरूरी टिप्स और हेल्पलाइन नंबर आएगा काम
