यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Flood News Live: बिहार में बाढ़ से हाहाकार, छपरा से बेगूसराय तक कोहराम; देखें डराने वाली तस्वीरें
Flood in Bihar मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को पटना व वैशाली में गंगा के बढ़े जलस्तर का हवाई सर्वे ...और पढ़ें

HighLights
- बिहार के कई जिलों में बाढ़ से लोग बेघर हो रहे
- बेगूसराय, पटना से लेकर छपरा तक में बुरा हाल
जागरण टीम, पटना/ छपरा/बेगूसराय। Bihar News: गंगा एवं सरयू नदी में आई बाढ़ से सारण जिले के बड़ी आबादी प्रभावित हो गई है। जिले के छह(छपरा सदर, दिघवारा,रिविलगंज,मांझी,गड़खा, सोनपुर) प्रखंडों के 30 पंचायत के लोगों का जीवन पूरी तरह से बेहाल हो गया है। यहां की 79019 आबादी प्रभावित है।
जबकि 12000 लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगह पर पलायन कर गये है। वही गंगा एवं सरयू नदी के जलस्तर अभी स्थिर है। इससे लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। गंगा एवं सरयू नदी के तटीय इलाके के लोगों को भोजन एवं पानी की भी दिक्कत होने लगी है।
जिन लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुसा है वह ज्यों का त्यों है, उनमें मच्छर व जलीय कीड़े-मकोड़े पनप रहे हैं। इसके बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। वही प्रशासन बाढ़ पीड़ितों में भोजन-पानी, दवा, पशुओं के चारे के लिए भूसा इत्यादि का वितरण करने का दावा कर रही है, लेकिन बाढ़ पीड़ित प्रशासन द्वारा सहायता नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं।

सारण के कुतुबपुर में बाढ़ के पानी में डूबा घर
छपरा शहर के निचले इलाके में कम नहीं हो रही परेशानी
छपरा शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी कम नहीं हो रहा है। तीन दिनों से सीढ़ी घाट,नेताजी टोला धर्मशाला, रूपगंज के निचले इलाके, रावल टोला, नई बस्ती,रौजा के लोग बाढ़ के पानी से बेहाल है। निचला इलाका पूरी तरह जलमग्न है।
शहर के सोनारपट्टी साहेबगंज चौक,मजिस्ट्रेट कालोनी,सलेमपुर रोड,करीम चक,राहत रोड,तिकोनिया,सलेमपुर, कचहरी मोहल्ले में भी जल जमाव कम नहीं हो रहा है।

छपरा में बाढ़ में डूबी दुकान
मनेर से मोकामा तक खतरे के निशान के ऊपर गंगा
पटना में गंगा का जलस्तर स्थिर हो रहा है लेकिन मनेर से मोकामा तक खतरे के निशान से उपर है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार को गंगा का जलस्तर मनेर में खतरे के निशान से 118 सेंटीमीटर उपर रिकार्ड किया गया है। दीघा घाट पर खतरे के निशान से 126 सेंटीमीटर, गांधी घाट पर 161 सेंटीमीटर और हाथीदह में खतरे के निशान से 163 सेंटीमीटर उपर दर्ज किया गया है।
जिलाधिकारी डा. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि बक्सर में गंगा का पानी घटने लगा है। अगले 24 घंटे में पटना में गंगा का जलस्तर घटने की संभावना है। बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत शिविरों में भोजन, दवा, दूध, पशुओं के लिए चारा और दवा के साथ डाक्टर तैनात किया गया है। राहत शिविरों में सुरक्षा के लिए सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है।
बेगूसराय में भी बुरा हाल
गंगा नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि कायम रहने से तटीय गांवों में दहशत व्याप्त है।वही पशु पालक परेशान है।सरकारी तंत्र आम बाढ़ प्रभावितों के लिए लगातार सुविधा उपलब्ध कराने में लगी है।साथ ही स्थानीय विधायक एवं समाज सेवी तटीय क्षेत्र का दौरा कर आम जन मानस की सुविधा के लिए प्रयत्न शील है। सनहा गोदेरगामा बांध के तटीय क्षेत्र एवं रिंग बांध के तटीय क्षेत्र सनहा पश्चिम,सनहा पूर्वी,समस्तीपुर,संदल पुर, फुलमलिक, रघुनाथपुर करारी,रघुनाथपुर बरारी, सबदल पुर के दर्जनों तटीय ग्राम बासियों में गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि के कारण परेशान है।खास कर लोगों को पशु चारा, दवा,सहित अन्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। जल स्तर में वृद्धि के कारण ज्ञान टोल बहलोरिया,श्रीनगर,सहित कई निचले क्षेत्र के गावों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।

बेगूसराय के बलिया में बाढ़ से लोगों का बुरा हाल
सारण के छह प्रखंडों में है बाढ़ का पानी
सारण जिले के रिविलगंज,दिघवारा, मांझी गड़खा, छपरा सदर, सोनपुर प्रखंड के 30 पंचायत की स्थिति में अभी सुधार नहीं हो रहा है। गंगा व सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से अभी ऊपर बह रही है। दिघवारा प्रखंड में बाढ़ के हालत में सुधार नहीं है। बाढ़ में सबसे ज्यादा दिक्कत महिला, बुजुर्गों एवं बच्चों को हो रही है रिविलगंज प्रखंड के दो पंचायत की स्थिति ज्यादा भयावह है।डोरीगंज के तीन पंचायत में जनजीवन पूरी तरह से बेहाल है।
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