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सात दिन में आवेदन, पोर्टल भी खराब! बिहार के किसानों की परेशानी पर RJD सांसद सुधाकर सिंह ने CM को ल‍िखा पत्र

Published: Thu, 22 Oct 2026 04:46 PM (IST)

बिहार में किसानों को कृषि इनपुट अनुदान के लिए आवेदन करने में पोर्टल की तकनीकी खामियों और ओलावृष्टि क्षति विकल्प ...और पढ़ें

सीएम सम्राट चौधरी और सांसद सुधाकर स‍िंह। फाइल

सीएम सम्राट चौधरी और सांसद सुधाकर स‍िंह। फाइल

HighLights

  1. पोर्टल की तकनीकी खामियों से किसानों को आवेदन करने में परेशानी।

  2. ओलावृष्टि से फसल क्षति दर्ज करने का विकल्प पोर्टल पर नहीं।

  3. राजद सांसद सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री से समय-सीमा बढ़ाने का आग्रह किया।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में अतिवृष्टि, बाढ़ और ओलावृष्टि से फसल क्षति झेलने वाले किसानों को कृषि इनपुट अनुदान के लिए आवेदन करने में परेशानी हो रही है।

ऑनलाइन पोर्टल में तकनीकी खामियों और ओलावृष्टि से हुई क्षति दर्ज करने का विकल्प नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए राजद किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है।

उन्होंने पोर्टल की समस्याएं दूर करने, आवेदन में ओलावृष्टि से हुई क्षति का विकल्प जोड़ने और आवेदन की समय-सीमा बढ़ाने का आग्रह किया है।

पोर्टल की खामियों से आवेदन में परेशानी

सुधाकर सिंह ने पत्र में कहा है कि सितंबर में अतिवृष्टि और विभिन्न नदियों के बांधों के फाटक खोले जाने से जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई। इससे बिहार के अनेक जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई।

इसके अलावा, राज्य के कई जिलों में ओलावृष्टि से भी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा। प्राकृतिक आपदाओं के कारण बड़ी संख्या में किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हुई हैं और उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।

राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।

हालांकि, सुधाकर सिंह के अनुसार, आवेदन पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है। इससे किसानों को आवेदन भरने और जमा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सात दिन की अवधि को बताया अपर्याप्त

सांसद ने आवेदन के लिए निर्धारित सात दिनों की समय-सीमा पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि पोर्टल की तकनीकी समस्याओं और किसानों को हो रही परेशानी को देखते हुए यह अवधि पर्याप्त नहीं है।

आवेदन की समय-सीमा नहीं बढ़ने पर कई पात्र किसान अनुदान के लिए आवेदन करने से वंचित रह सकते हैं।

ओलावृष्टि से क्षति दर्ज करने का विकल्प नहीं

सुधाकर सिंह ने पत्र में एक अन्य समस्या की ओर ध्यान दिलाया है। उनके अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति दर्ज करने का स्पष्ट विकल्प उपलब्ध नहीं है।

इससे प्रभावित किसान अपनी फसल के नुकसान का सही विवरण आवेदन में दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। परिणामस्वरूप, उन्हें कृषि इनपुट अनुदान का लाभ नहीं मिलने की आशंका है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित विभाग को तत्काल आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया है, ताकि पोर्टल की तकनीकी खामियां दूर हों। 

आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बने तथा ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को भी अनुदान का लाभ मिल सके। साथ ही, आवेदन के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की है।