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'नया-नया मंत्री बने और लगे उड़ान भरने', बिहार विधान परिषद में मंत्री पर भड़के RJD MLC; अशोक चौधरी का भी पलटवार

Published: Fri, 24 Jul 2026 02:09 PM (IST)Updated: Fri, 24 Jul 2026 02:25 PM (IST)

बिहार विधान परिषद में इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पर तीखी बहस हुई। राजद एमएलसी महेश्वर सिंह ने सरकार को घेरा, जिस पर मंत्रियों ने पलटवार किया।

HighLights

  1. विधान परिषद में इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पर जोरदार बहस।

  2. राजद एमएलसी महेश्वर सिंह और मंत्री शैलेन्द्र कुमार के बीच तीखी नोकझोंक।

  3. मंत्री अशोक चौधरी ने सरकार का बचाव करते हुए विपक्ष पर पलटवार किया।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा सदन में जोरदार बहस का कारण बन गया।

प्रश्नकाल के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान पार्षद महेश्वर सिंह ने इंजीनियरिंग संस्थानों में रिक्त पदों और शिक्षा की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया। जवाब से असंतुष्ट विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

शिक्षकों की कमी पर सरकार से पूछा सवाल

महेश्वर सिंह ने सरकार से पूछा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी कब तक दूर की जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक जवाब देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा, जवाब तो मिल गया, लेकिन शिक्षकों की कमी और गुणवत्ता का संकट कब तक दूर होगा? हम लोग यहां अनपढ़-गंवार थोड़े बैठे हैं। 

पथ निर्माण मंत्री की टिप्पणी पर भड़के महेश्वर सिंह

इसी दौरान पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से समेकित जवाब दिया जा चुका है। मंत्री की इस टिप्पणी पर महेश्वर सिंह नाराज हो गए और तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा, 'आप क्‍या जवाब दीजिएगा... नया-नया पथ निर्माण मंत्री बने हैं क्या? नया मियां ज्यादा प्याज खा रहे हैं। शांत बैठिए, क्या बोलिएगा। पहली बार आए हैं और लगे उड़ान भरने।'

महेश्वर सिंह की इस टिप्पणी के बाद सदन का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। पथ निर्माण मंत्री बार-बार सफाई देते रहे क‍ि उन्‍होंने क्‍या कहा है। 

अशोक चौधरी ने जताई आपत्ति

स्थिति को संभालने के लिए मंत्री अशोक चौधरी बीच में आए। उन्होंने कहा कि सदन में इस तरह की भाषा का प्रयोग उचित नहीं है।

इसके बाद उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि हमारे नेता ने 'सात निश्चय-1' और 'सात निश्चय-2' के तहत राज्य में इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने और तकनीकी शिक्षा का विस्तार करने का काम किया है।

उन्होंने कहा, जो आज सवाल पूछ रहे हैं, उन्होंने अपने शासनकाल में चरवाहा विद्यालय बनाने का काम किया था। अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार की प्रति व्यक्ति आय पहले लगभग सात हजार रुपये थी।

वह अब बढ़कर करीब 75 हजार रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं और सरकार लगातार तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

सदन में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कुछ देर तक तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।

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