पटना [जागरण टीम]। Bihar Election Result 2019 लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम आ गए हैं और मोदी लहर ने बिहार में भी अपना जादू दिखाया। बिहार में लोकसभा की 40 में से 39 सीटों पर एनडीए ने अपनी जीत दर्ज की है। प्रदेश में महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया है। एनडीए की ये सबसे बड़ी जीत है। महागठबंधन की झोली में सिर्फ एक सीट गयी है। कांग्रेस ने किशनगंज सीट पर कब्‍जा जमाया। वहीं जहानाबाद सीट का परिणाम देर रात जारी हुआ। सबसे कम अंतर से जीत-हार जहानाबाद में हुई, जबकि रिकॉर्ड वोट से जीत-हार मधुबनी में हुई। 

बिहार में एनडीए को मिली जबरदस्‍त सफलता के लिए सीएम नीतीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि जनता मालिक है और इस सफलता के लिए सबसे पहले उन्‍हें बधाई देता हूं। वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी ने कहा कि इस जनादेश का मैं सम्‍मान करता हूं। 

बता दें कि परिणाम के लिए वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू हुई और दोपहर के बाद नतीजे सामने आने लगे। वाल्‍मीकिनगर से लेकर जमुई तक एनडीए लहर दिखी। महागठबंधन बिल्कुल बेअसर हो गया। खास बात कि इस चुनाव में महागठबंधन की ओर से राजद, हम, वीआइपी व रालोसपा का खाता तक नहीं खुला। यहां तक कि लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती व समधी चंद्रिका राय भी हार गए।

वहीं, रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान तथा दोनों भाई रामचंद्र पासवान व पशुपति कुमार पारस ने जीत दर्ज की, तो उपेंद्र कुशवाहा ने तो अपनी दोनों सीटें ही गंवा दीं।   

Bihar Election Result 2019

बिहार के सभी 40 निर्वाचित प्रत्‍याशियों की जीत 


लोकसभा क्षेत्र                जीते                                                   

1. वाल्मीकिनगर:        वैद्यनाथ प्रसाद महतो (जदयू)      

2. प. चंपारण:             डॉ. संजय जायसवाल (भाजपा)

3. पू. चंपारण:            राधामोहन सिंह (भाजपा)

4. शिवहर:                रमा देवी (भाजपा)

5. सीतामढ़ी:             सुनील कुमार पिंटू (जदयू)

6. मधुबनी:               अशोक कुमार यादव (भाजपा)

7. झंझारपुर:             रामप्रीत मंडल (जदयू)

8. सुपौल:                दिलेश्वर कामत (जदयू)

9. अररिया:              प्रदीप कुमार सिंह - (भाजपा)

10. किशनगंज:        डॉ. मोहम्मद जावेद - (कांग्रेस)

11. कटिहार:            दुलालचंद्र गोस्वामी (जदयू)

12. पूर्णिया:              संतोष कुमार (जदयू)

13. मधेपुरा:             दिनेश चंद्र यादव (जदयू)

14. दरभंगा:             गोपालजी ठाकुर (भाजपा)

15. मुजफ्फरपुर:       अजय निषाद (भाजपा)

16. वैशाली:             वीणा देवी (लोजपा)

17. गोपालगंज:       डॉ. आलोक कुमार सुमन (जदयू)

18. सिवान:            कविता सिंह (जदयू)

19. महाराजगंज:     जनार्दन सिंह सिग्रीवाल (भाजपा)

20. सारण:             राजीव प्रताप रूडी (भाजपा)

21. हाजीपुर:          पशुपति कुमार पारस (लोजपा)

22. उजियारपुर:      नित्यानंद राय (भाजपा)

23. समस्तीपुर:      रामचंद्र पासवान (लोजपा)

24. बेगूसराय:       गिरिराज सिंह (भाजपा)

25. खगडिय़ा:       चौधरी महबूब अली कैसर (लोजपा)

26. भागलपुर:       अजय कुमार मंडल (जदयू)

27. बांका:           गिरिधारी यादव (जदयू)

28. मुंगेर:          राजीव रंजन सिंह (जदयू)

29. नालंदा:        कौशलेंद्र कुमार (जदयू)

30. पटना साहिब: रविशंकर प्रसाद (भाजपा)

31. पाटलिपुत्र:      रामकृपाल यादव (भाजपा)

32. आरा:            राजकुमार सिंह (भाजपा)

33. अक्सर:         अश्विनी कुमार चौबे (भाजपा)

34. सासाराम:      छेदी पासवान  (भाजपा)

35. काराकाट:      महाबली सिंह (जदयू)

36. जहानाबाद:    चंदेश्‍वर प्रसाद चंद्रवंशी (जदयू)

37. औरंगाबाद:     सुशील कुमार सिंह (भाजपा)

38. गया:             विजय कुमार (जदयू)

39. नवादा:         चंदन सिंह  (लोजपा)

40. जमुई:          चिराग पासवान (लोजपा)

कड़ी सुरक्षा के बीच हुई मतगणना 
बिहार में कड़ी सुरक्षा के बीच 34 केंद्रों पर मतगणना शुरू हुई थी। सुरक्षा को लेकर पूरे राज्‍य में अलर्ट जारी किया गया था। गृह मंत्रालय ने भी अलर्ट जारी किया था। बिहार के एडीजी मुख्‍यालय कुंदन कृष्‍णन ने इसे लेकर सभी जिलों के एसपी को आवश्‍यक निर्देश दिए थे। गुरुवार को भी पूरे राज्‍य में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

बता दें कि 2014 में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 22 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि जेडीयू 2 और लोजपा को 6 सीटें मिली थीं। वहीं, आरजेडी को 4 और कांग्रेस को मात्र दो सीटों पर जीत हासिल हुई थी। 2014 के चुनाव में आरजेडी 27 और कांग्रेस 12 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। लेकिन इस बार कांग्रेस ने एक सीट पर कब्‍जा जमाया तो राजद का खाता ही नहीं खुला। 

 बक्सर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती

 हिंसा की संभावना जताते हुए गृह मंत्रालय के अलर्ट के बाद सुबह से ही चौक चौराहों पर पुलिस बल तैनात कर दी गई थी। दरअसल बक्सर से निर्दलीय प्रत्याशी रामचंद्र यादव का हथियार के साथ वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो चुनाव परिणाम आने के बाद हिंसा की धमकी देते नजर आ रहे थे। बाद में पुलिस ने छापेमारी की तो वे फरार हो गए। बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा ने भी 'खूनी धमकी' दी थी। हालांकि कुशवाहा खुद दोनों जगह से हार गए। 

 

आयोग के प्रमुख दिशा-निर्देश 

चुनाव आयोग के अवर सचिव मधुसूदन गुप्ता ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर उनका मतगणना संबंधित बारीकियों पर ध्यान आकृष्ट किया था। चुनाव आयोग ने सभी सीईओ को इवीएम, वीवीपैट और कंट्रोल यूनिट से वोटों के मिलान के दौरान विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया था।  

चुनाव आयोग ने यह भी कहा था कि मॉक पोलिंग वाले ईवीएम का अगर डाटा डिलीट नहीं हुआ है तो उसे अलग रखना सुनिश्चित करें। किसी भी ईवीएम, वीवीपैट और कंट्रोल यूनिट पर शंका हो तो उसे अलग-अलग रखवाएं। ऐसे में मामले में आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर) को जवाब देना होगा।

धारा 144 लागू

मतगणना स्थल से 500 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू किया गया था। राज्य भर में कंट्रोल रूम में मजिस्ट्रेट- पुलिस पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाकर क्यूआरटी तैनात की गई थी। भड़काऊ बयान देने वालों पर तत्काल कार्रवाई करने की बात कही गई थी। इसे लेकर बुधवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई थी।

 

बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन आदि उच्च अधिकारियों ने गृह मंत्रालय द्वारा मतगणना के दौरान हिंसा फैलने की आशंका को ध्यान में रखते हुए भी सुरक्षा प्लान तैयार किए थे। 

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Posted By: Kajal Kumari

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