पटना, अरविंद शर्मा । Bihar Election 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बिहार में दरभंगा, मुजफ्फरपुर और पटना की अलग-अलग तीन जनसभाओं में राजग के लिए तीन रोडमैप बनाया और मतदाताओं के उलझन को दूर करने का प्रयत्न किया। पहला, मां सीता का स्मरण कर बिहारियों की संवेदना को झकझोरा। दूसरा विपक्षी दलों के वादों को हवा-हवाई बताकर वोटरों को राजग के दायरे में ही बनाए-बचाए रखने का प्रयास किया और तीसरा लोजपा प्रमुख चिराग पासवान के अभियान की सच्चाई को संकेतों में समझाकर राजग प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल तैयार किया।

दूसरे चरण की 94 सीटों की बखूबी परवाह

प्रधानमंत्री का बिहार में यह दूसरा चुनावी दौरा था। पहले दौरे में 23 अक्टूबर को उन्होंने सासाराम, भागलपुर और गया में जनसभाओं को संबोधित किया था। पहले चरण की 71 सीटों पर मतदान के बीच प्रधानमंत्री ने दूसरे चरण की 94 सीटों की बखूबी परवाह की। किसी भी सभा में उन्होंने किसी दल या व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन बातें साफ-साफ कह दीं। शुरुआत दरभंगा से की, जो वृहद मिथिला क्षेत्र में इलाका है। आबादी के हिसाब से इस क्षेत्र को महागठबंधन के अनुकूल माना जाता है। इसलिए मोदी ने भाजपा की रीति-नीति के तहत सीता के मायके में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की चर्चा करते हुए विपक्ष को बैकफुट में धकेलने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जो लोग तारीख पूछते थे, वे अब तालियां बजाने को मजबूर हैं। दरअसल मोदी ने राजग के वादों पर मतदाताओं को भरोसा करने के लिए प्रेरित किया। मंदिर निर्माण के बहाने उन्होंने बताया कि राजग जो वादा करता है, उसे निभाता भी है।

लालू-राबड़ी राज की याद दिलाई

प्रधानमंत्री ने इसी भरोसे को मुजफ्फरपुर की सभा में भी दोहराया। यहां उन्होंने विपक्ष को सीधे निशाने पर लिया। बिना नाम लिए समर्थकों को लालू-राबड़ी सरकार के कार्यकाल की याद दिलाई और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार से तुलना की। विपक्ष के रोजगार के वादे को हवा-हवाई करार दिया। खुलकर कहा कि अभी समय हवा में बातें करने का नहीं है। जिसने बिहार को अराजकता दी, बेरोजगारी दी, कुशासन और पलायन दिया, वह फिर मौके की तलाश में हैं। प्रधानमंत्री ने लालू परिवार के भ्रष्टाचार का संकेतों में जिक्र किया और कहा कि मौका मिला तो अपने परिवार को ही हजारों करोड़ का मालिक बना दिया। इसी संदर्भ में नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार के सुशासन की भी चर्चा की और समर्थकों से आग्रह किया कि जिनके पास अनुभव है...जिन्होंने बिहार को गहरे अंधकार से निकालकर यहां पहुंचाया, उन्हें चुनिए।

लोजपा पर उलझन से निकालने की कोशिश

राजग के वोटरों के सामने अभी सबसे बड़ी उलझन लोजपा के स्टैंड को लेकर है। चिराग पासवान की बातों से उलझन में और इजाफा हो रहा है। लोजपा प्रमुख का जिक्र किए बिना प्रधानमंत्री ने अपने समर्थकों को उलझन से निकालकर वोटों के बिखराव को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को राजग का मतलब समझाया। कहा कि राजग का मतलब भाजपा, जदयू, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और वीआइपी है। आप सब इन्हीं दलों के प्रत्याशियों को ही वोट करिए। राजग को दिया गया वोट विकास को गति देगा।

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