पटना, ऑनलाइन डेस्‍क। बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने शिक्षक बहाली (Teachers Recruitment in Bihar) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है कि माध्‍यमिक-उच्‍च माध्‍यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) उत्‍तीर्ण करने वाले सभी अभ्‍यर्थी शिक्षक बहाली के पात्र होंगे। इसमें STET की 2011 एवं BSEB की 21 जून को जारी एसटीईटी 2019 की दोनों प्रकार की सूची के अभ्‍यर्थी शामिल हैं। मेरिट लिस्‍ट में नहीं आने वाले अभ्‍यर्थी परेशान नहीं हों। 

उत्‍तीर्ण अभ्‍यर्थि‍यों की वैल‍िडिटी लाइफटाइम 

मंत्री ने बताया कि सरकार ने इस मुद्दे पर अहम निर्णय लिया है। 2019 की STET में जो भी उत्‍तीर्ण हुए हैं वे सभी सातवें शिक्षक नियोजन के पात्र होंगे। भले ही वे बोर्ड की ओर से जारी क्‍वालिफाइ बट नॉट इन मेरिट लिस्‍ट की सूची में क्‍यों नहीं हों। इस बाबत निर्णय हो गया है। जल्‍द ही सारी कार्रवाई कर विभाग की ओर अधिसूचना जारी की जाएगी। मंत्री ने कहा कि पहले ही अभ्‍यर्थियों की मान्‍यता ताउम्र (Life Time Validity) की जा चुकी है। सातवें शिक्षक नियोजन में 2011 में माध्‍यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्‍तीर्ण भी आवेदन कर सकेंगे। 

सचिवालय पर अभ्‍यर्थ‍ि‍यों ने किया प्रदर्शन 

बहाली की पात्रता को लेकर घमासान मचा था। अभ्‍यर्थ‍ियों में असमंजस की स्थिति थी। आंदोलन भी किया गया। कोर्ट जाने की धमकी तक दी गई। बुधवार को इसी मांग को लेकर सचिवालय के समय खूब हंगामा किया गया। इसके बाद शिक्षा मंत्री ने आश्‍वासन दिया था कि उनकी समस्‍याएं दूर की जाएंगी। बता दें कि सचिवालय गेट से शिक्षामंत्री के आवास तक अभ्‍यर्थ‍ियों ने मार्च निकाला। हालांकि इको पार्क के समीप पुलिस ने उन्‍हें रोक दिया। शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शनकारियों में से पांच के शिष्‍टमंडल को मिलने के बुलाया। उनसे कुछ मोहलत मांगी। इसके बाद उन्‍होंने घोषणा की।  

पौने दो लाख अभ्‍यर्थि‍यों ने दी थी परीक्षा 

मालूम हो कि STET 2019  की परीक्षा BSEB ने ली थी। कुल 15 विषयों की परीक्षा हुई। कुल पौने दो लाख परीक्षार्थी उसमे शामिल हुए। उनमें से 12 के परिणाम इसी वर्ष मार्च में आए थे। संस्‍कृत, विज्ञान और उर्दू विषयों का परिणाम 21 जून की शाम घोषित किया गया। सफलता का प्रतिशत 16 से भी कम रहा।  

 

Edited By: Vyas Chandra