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बिहार में शिक्षा विभाग के लिए बनेगा खास 'ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स', योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने को उच्चस्तर पर शुरू हुई कवायद

Published: Sat, 12 Sep 2026 06:49 PM (IST)

बिहार शिक्षा विभाग योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए मंत्रियों और सचिवों का एक समूह बनाने की तैयारी ...और पढ़ें

वित्त, भवन और जमीन से जुड़े मामलों का होगा समाधान

वित्त, भवन और जमीन से जुड़े मामलों का होगा समाधान

HighLights

  1. शिक्षा विभाग योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने हेतु समूह बनाएगा।

  2. वित्त, भवन निर्माण, भूमि संबंधी अंतर-विभागीय बाधाएं दूर होंगी।

  3. लंबित परियोजनाओं को गति मिलेगी, समन्वय मजबूत होगा।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के शिक्षा विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स और सचिवों का समूह बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस दिशा में उच्चस्तर पर विमर्श चल रहा है। इसका उद्देश्य अलग-अलग विभागों से जुड़े मामलों के कारण शिक्षा विभाग की योजनाओं में होने वाली देरी को दूर करना है।

वित्त, भवन और जमीन से जुड़े मामलों का होगा समाधान

शिक्षा विभाग के सामने वित्त, भवन निर्माण और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े मामले बड़ी संख्या में आते हैं। योजनाओं के लिए राशि की व्यवस्था, स्कूल भवनों का निर्माण और भूमिहीन विद्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे इनमें प्रमुख हैं।

इन मामलों को संबंधित विभागों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक मंच पर उठाने से निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। इससे शिक्षा विभाग की कई लंबित योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

स्कूलों की जमीन पर अतिक्रमण भी बड़ी चुनौती

हाल ही में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की दो दिवसीय बैठक में बड़ी संख्या में विद्यालयों की जमीन पर अतिक्रमण का मामला सामने आया था। वहीं भूमिहीन विद्यालयों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्तर से आगे बढ़ाई जा रही है।

स्कूल भवनों के निर्माण से जुड़े काम भी शिक्षा विभाग की प्राथमिकताओं में हैं। ऐसे मामलों में कई विभागों के बीच समन्वय जरूरी है, जिसे प्रस्तावित समूह के जरिए मजबूत करने की तैयारी है।

पहले से मौजूद है क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप

बिहार में आपदा प्रबंधन के लिए पहले से क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप काम करता है। इसमें कई विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव और विभागों के अपर मुख्य सचिव एवं प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

इसी तरह शिक्षा विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों को लेकर भी मंत्री और सचिव स्तर पर एक समन्वय समूह बनाने की कवायद चल रही है। इससे विभागों के बीच सीधे संवाद का रास्ता मजबूत होगा।

केंद्रीय योजनाओं से लेकर सोलर प्लेट तक, कई कामों में चाहिए सहयोग

शिक्षा विभाग के पास कई केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भी है। इनमें से कुछ योजनाओं को दूसरे विभागों के सहयोग से आगे बढ़ाया जाना है। ऐसे मामलों में सचिव स्तर के समूह में चर्चा होने से अड़चनें दूर करने में मदद मिल सकती है।

वहीं विद्यालयों की छतों पर सोलर प्लेट लगाने की योजना भी है। इसमें ऊर्जा विभाग का सहयोग लिया जाना है। ऐसे में प्रस्तावित ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स और सचिवों का समूह शिक्षा विभाग की योजनाओं के लिए बेहतर समन्वय का माध्यम बन सकता है।