बिहार के डिग्री कॉलेजों में जल्द हो उर्दू-फारसी समेत इन विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली, तेजस्वी ने उठाई मांग
तेजस्वी यादव ने बिहार के 211 नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू, फारसी, अरबी, मैथिली और संस्कृत जैसे विषयों में असिस्टेंट ...और पढ़ें

उर्दू, फारसी, अरबी समेत पांच विषयों पर जोर
HighLights
211 नए डिग्री कॉलेजों में विषयवार असिस्टेंट प्रोफेसर पद स्वीकृत हों।
स्वीकृत पदों पर तत्काल पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
नियमित नियुक्ति तक अंतरिम शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के विभिन्न प्रखंडों में स्थापित 211 नए डिग्री कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था को सुचारु और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति की मांग उठी है। तेजस्वी यादव ने उर्दू, फारसी, अरबी, मैथिली और संस्कृत विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इन कॉलेजों में ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उर्दू, फारसी, अरबी समेत पांच विषयों पर जोर
तेजस्वी यादव ने कहा कि उर्दू, फारसी, अरबी, मैथिली और संस्कृत बिहार की भाषायी एवं सांस्कृतिक विविधता के महत्वपूर्ण अंग हैं। इन विषयों में शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने मांग की कि 211 नए डिग्री कॉलेजों में इन विषयों की आवश्यकता के अनुसार विषयवार स्वीकृत पदों का निर्धारण किया जाए। इसके बाद पदों के संबंध में अविलंब आधिकारिक अधिसूचना जारी करने की मांग की गई है।
स्वीकृत पदों पर तत्काल शुरू हो भर्ती प्रक्रिया
तेजस्वी ने स्वीकृत पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियमित नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू करने को कहा है। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की।
उनके मुताबिक, शिक्षकों की नियुक्ति केवल रोजगार से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के शैक्षिक अधिकार, भाषायी संरक्षण और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा से भी जुड़ा है।
नियमित बहाली तक अंतरिम व्यवस्था की मांग
तेजस्वी ने कहा कि नियमित नियुक्ति होने तक संबंधित विषयों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उचित अंतरिम शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
उन्होंने जनहित और विद्यार्थी हित में मामले पर जल्द अधिसूचना जारी करने, बहाली प्रक्रिया शुरू करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर नियुक्ति पूरी कराने की कार्रवाई की मांग की है।
तेजस्वी की चार प्रमुख मांगें
1. पदों का निर्धारण: 211 नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू, फारसी, अरबी, मैथिली और संस्कृत के जरूरत के अनुसार विषयवार असिस्टेंट प्रोफेसर पद स्वीकृत किए जाएं।
2. अधिसूचना जारी हो: निर्धारित और स्वीकृत पदों के संबंध में जल्द आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाए।
3. भर्ती प्रक्रिया शुरू हो: स्वीकृत पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू कर इसे पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
4. अंतरिम व्यवस्था हो: नियमित नियुक्ति होने तक संबंधित विषयों की पढ़ाई जारी रखने के लिए उचित अंतरिम शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
