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दारोगा भर्ती जांच में EOU का अंतिम रिमाइंडर, BPSSC ने जवाब नहीं दिया तो आयोग के दफ्तर पहुंचेगी SIT

Published: Tue, 15 Sep 2026 07:00 AM (IST)

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) बिहार दारोगा भर्ती मुख्य परीक्षा के परिणामों की जांच कर रही है, खासकर उन केंद्रों पर ...और पढ़ें

सिर्फ रिजल्ट नहीं, पूरा परीक्षा रिकॉर्ड मांगा

सिर्फ रिजल्ट नहीं, पूरा परीक्षा रिकॉर्ड मांगा

HighLights

  1. EOU दारोगा भर्ती परीक्षा के परिणामों की गहन जांच कर रही है।

  2. असामान्य रूप से उच्च सफलता दर वाले परीक्षा केंद्र रडार पर हैं।

  3. जानकारी न देने पर SIT सीधे BPSSC कार्यालय पहुंचेगी।

राज्य ब्यूरो, पटना।दारोगा भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा में कथित धांधली की जांच अब उस मोड़ पर पहुंच गई है, जहां आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) को अंतिम रिमाइंडर भेज दिया है। तीन और आठ सितंबर को दो बार पत्र भेजकर दो दर्जन से अधिक बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी, लेकिन अब तक आयोग की ओर से जवाब नहीं मिला है।

EOU अधिकारियों के अनुसार आयोग को जल्द जवाब देने का आश्वासन मिला है। लेकिन अगर मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो जांच एजेंसी की SIT खुद आयोग के कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्ड खंगालेगी।

एक केंद्र पर 40-50% सफलता ने खड़े किए सवाल

EOU को जांच के दौरान ऐसे परीक्षा केंद्रों की जानकारी मिली है, जहां सफलता का प्रतिशत सामान्य से काफी अधिक बताया जा रहा है। इसी आधार पर टॉप-20 केंद्रों का डेटा आयोग से मांगा गया है।

एजेंसी यह देखना चाहती है कि इन केंद्रों पर अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का पैटर्न क्या रहा और क्या किसी केंद्र पर असामान्य तरीके से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सफल हुए हैं।

सिर्फ रिजल्ट नहीं, पूरा परीक्षा रिकॉर्ड मांगा

EOU ने BPSSC से परीक्षा केंद्रों के नाम-पते के साथ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की सूची भी मांगी है। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों और वहां तैनात वीक्षकों की सूची भी जांच एजेंसी ने तलब की है।

बायोमीट्रिक और जैमर लगाने वाली एजेंसियों के नाम, उनके कर्मचारियों की सूची और संबंधित रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं। साथ ही परीक्षा केंद्रों की CCTV फुटेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।

शिकायतों का भी मांगा गया पूरा ब्योरा

EOU ने आयोग से यह भी पूछा है कि परीक्षा के दौरान गड़बड़ी को लेकर उसे कहां-कहां से शिकायतें मिलीं और उन शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई।

जांच एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक BPSSC की ओर से अभी तक इन सवालों का जवाब नहीं मिला है। इसके बाद आयोग को दोबारा रिमाइंडर भेजा गया है और जवाब जल्द देने का आश्वासन मिला है।

जवाब नहीं आया तो आयोग के दफ्तर पहुंचेगी SIT

EOU ने साफ कर दिया है कि अगर आयोग की ओर से मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो जांच का अगला कदम और सख्त होगा। ऐसी स्थिति में EOU की SIT खुद BPSSC कार्यालय जाकर रिकॉर्ड की जांच कर सकती है।

यानी अब जांच सिर्फ दस्तावेजों और शिकायतों तक सीमित नहीं रहने वाली, बल्कि जरूरत पड़ने पर आयोग के रिकॉर्ड की प्रत्यक्ष पड़ताल भी की जाएगी।

खगौल केंद्र की प्रश्न-पत्र बुकलेट ने भी बढ़ाई जांच

जांच के दौरान पटना के पास खगौल स्थित एक परीक्षा केंद्र को लेकर भी शिकायत सामने आई है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें दिए गए प्रश्न-पत्र की बुकलेट पहले से फटी हुई थी और उस पर उचित सील नहीं थी।

EOU ने इस शिकायत को लेकर भी आयोग से जवाब मांगा है। इसके अलावा परीक्षा के दौरान प्रश्न-पत्र बाहर आने से जुड़े मामले की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।

वायरल प्रश्न-पत्र की तस्वीर पर भी जांच

EOU के अनुसार वायरल प्रश्न-पत्र की तस्वीर में टाइम स्टांपिंग यानी समय का उल्लेख नहीं है। ऐसे में एजेंसी ने प्रश्न-पत्र की प्रामाणिकता और उसके स्रोत के संबंध में आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है।

जांच एजेंसी के सामने परीक्षा से जुड़े करीब दो दर्जन अन्य बिंदु भी हैं, जिन पर आयोग के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।

कई तरह की गड़बड़ी की शिकायतें, सत्यापन जारी

EOU को अभ्यर्थियों के माध्यम से कई जिलों से परीक्षा में कथित गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। इनमें परीक्षा केंद्र से प्रश्न-पत्र की तस्वीर बाहर आने से लेकर एक केंद्र पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सफल होने जैसे आरोप शामिल हैं।

इसके अलावा एक ही कक्ष में बैठे कई परीक्षार्थियों के सीरियल नंबर के आधार पर सफल होने, बिजली काटकर जैमर को प्रभावित करने और बायोमीट्रिक व्यवस्था में कथित मिलीभगत जैसी शिकायतों का भी सत्यापन किया जा रहा है।

35,857 अभ्यर्थी हुए थे शामिल

दारोगा भर्ती की प्रारंभिक लिखित परीक्षा में करीब 35,857 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें 414 अभ्यर्थियों को कदाचार और अन्य कारणों से अयोग्य घोषित किए जाने की जानकारी दी गई है।

अब मुख्य परीक्षा के केंद्रवार परिणाम, CCTV, बायोमीट्रिक और जैमर से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद यह पता लगाने की कोशिश होगी कि असामान्य सफलता दर के पीछे सामान्य प्रदर्शन था या किसी तरह की गड़बड़ी।

दूसरे केस में 457 करोड़ विदेश भेजने की जांच भी SIT के हवाले

इसी बीच EOU ने दानापुर के रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट गौरव गुंजन के खिलाफ करीब 457 करोड़ रुपये अवैध तरीके से विदेश भेजे जाने के मामले की जांच के लिए भी SIT गठित की है।

EOU के ADG अमित कुमार जैन के निर्देश पर DIG मानवजीत सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में SIT बनाई गई है। आयकर विभाग की शिकायत के आधार पर इस मामले में चार दिन पहले प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

फर्जी कंपनियों को प्रमाणपत्र देने के आरोप की पड़ताल

प्राथमिकी में आरोप है कि गौरव गुंजन ने मुंबई, लखनऊ, बेंगलुरु और भुवनेश्वर की करीब आधा दर्जन कंपनियों के लिए विदेश पैसा भेजने से संबंधित आवश्यक Form 15CB जारी किए।

EOU अब यह भी जांच करेगी कि जिन संस्थाओं के लिए ये प्रमाणपत्र जारी किए गए, वे वास्तविक कारोबारी संस्थाएं थीं या कथित तौर पर फर्जी/शेल कंपनियां।

यानी एक ओर दारोगा भर्ती में परीक्षा प्रणाली की जांच तेज है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये के कथित विदेशी लेनदेन का मामला भी EOU की SIT के दायरे में आ गया है।