बिहार के 13,456 डेयरी समितियों को बड़ा फायदा, कम ब्याज पर मिलेगा लोन; घर बैठे बैंकिंग की भी सुविधा
बिहार में 13,456 डेयरी सहकारी समितियों को अब सहकारी बैंकों से कम ब्याज पर ऋण मिलेगा, जिससे पशुपालन और दुग्ध ...और पढ़ें

पशु खरीद से शेड निर्माण तक मिलेगी मदद
HighLights
13,456 डेयरी समितियों को मिलेगा कम ब्याज पर ऋण।
किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड और त्वरित ऋण सुविधा।
माइक्रो एटीएम से घर बैठे बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध होंगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी से जुड़े किसानों के लिए बड़ी पहल की तैयारी है। राज्य में अब तक गठित 13,456 डेयरी सहकारी समितियों को सहकारी बैंकों से जोड़कर कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए सहकारिता विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है।
केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने बिहार दौरे के बाद सहकारी बैंकों से अधिकाधिक डेयरी सहकारी समितियों को जोड़ने का निर्देश दिया है।
उन्होंने समितियों को ऋण सुविधा देने और किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने को भी कहा है।
कम ब्याज पर मिलेगा आसान लोन
सहकारिता मंत्रालय की ओर से इस संबंध में सहकारिता विभाग को पत्र भेजा गया है। इसके बाद विभाग ने सहकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से डेयरी समितियों व दुग्ध उत्पादकों को आसान शर्तों पर ऋण देने की दिशा में पहल शुरू कर दी है।
इस ऋण की सबसे बड़ी खासियत कम ब्याज दर होगी। इससे दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को आर्थिक मदद मिलेगी और पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ उनकी जरूरत के समय वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
पशु खरीद से शेड निर्माण तक मिलेगी मदद
डेयरी इकाइयों की स्थापना, पशुओं की खरीद और शेड निर्माण जैसे कामों के लिए सावधि ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे दुग्ध उत्पादक किसान अपनी डेयरी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए बैंकिंग व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे।
विभाग का मानना है कि आसान ऋण मिलने से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही दुग्ध संग्रहण केंद्रों के विकास में भी तेजी आएगी।
किसान क्रेडिट कार्ड से मिलेगा त्वरित ऋण
डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से डिजिटल लेनदेन के साथ जरूरत के समय त्वरित ऋण लेने की सुविधा मिलेगी।
सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक सहकारी बैंक और वित्तीय संस्थान डेयरी समितियों तथा दुग्ध उत्पादकों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।
घर बैठे मिलेगी बैंकिंग की सुविधा
डेयरी सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम के माध्यम से डोर-स्टेप बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की भी तैयारी है।
यानी प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े सदस्यों को बैंकिंग सेवाओं के लिए दूर जाने की जरूरत कम होगी।
माइक्रो एटीएम के जरिए गांवों में ही कई जरूरी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ग्रामीण दुग्ध उत्पादकों के लिए बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
जिला सहकारी बैंकों से होगा एमओयू
इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के साथ एमओयू साइन करने के प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा।
सहकारी बैंकों को डेयरी समितियों से जोड़ने के बाद ऋण और बैंकिंग सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
सरकार की इस पहल से 13,456 डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े सदस्यों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी कारोबार को आर्थिक मजबूती मिलने के साथ किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को भी गति मिल सकती है।
