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पटना-चंपारण बने म्यूल खातों का गढ़, बैंककर्मी भी जांच के घेरे में; 104 करोड़ रुपये की ठगी की रकम होल्ड

Published: Wed, 26 Aug 2026 08:00 AM (IST)

बिहार पुलिस ने साइबर ठगी के लिए 5000 से अधिक संदिग्ध म्यूल खातों की पहचान की है, जिनमें पटना और ...और पढ़ें

बैंक शाखाओं की भूमिका पर भी नजर

बैंक शाखाओं की भूमिका पर भी नजर

HighLights

  1. बिहार में 5000 से अधिक म्यूल खाते चिह्नित।

  2. पटना-चंपारण क्षेत्र में सर्वाधिक म्यूल खाते मिले।

  3. साइबर ठगी के 104 करोड़ रुपये होल्ड किए गए।

कुमार रजत, पटना। बिहार पुलिस ने साइबर ठगी की राशि के लेन-देन में इस्तेमाल होने वाले पांच हजार से अधिक संदिग्ध म्यूल खातों को चिह्नित किया है। पटना और चंपारण क्षेत्र में ऐसे खातों की संख्या सबसे अधिक मिली है। राज्य में मिले कुल म्यूल खातों में 30 प्रतिशत से अधिक इसी क्षेत्र में पाए गए हैं।

पटना में 672, मोतिहारी में 509 और बेतिया में 454 खाते मिले

पटना में सर्वाधिक 672, मोतिहारी में 509 और बेतिया में 454 संदिग्ध म्यूल खातों की पहचान की गई है। इसके अलावा नालंदा और गया भी संदिग्ध खातों की संख्या के मामले में शीर्ष पांच जिलों में शामिल हैं। इन खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम के लेन-देन का संदेह है।

बैंक शाखाओं की भूमिका पर भी नजर, चार कर्मी गिरफ्तार

साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (सीसीएसयू) इन म्यूल खातों को खोलने में बैंककर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

ऐसी 22 बैंक शाखाओं को चिह्नित किया गया है, जहां सर्वाधिक म्यूल खातों की शिकायतें मिली हैं। मामले में अब तक चार बैंककर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें पटना, कटिहार, भोजपुर और भागलपुर के एक-एक बैंककर्मी शामिल हैं।

जुलाई तक 104 करोड़ रुपये की ठगी की रकम होल्ड

सीसीएसयू के अनुसार, इस वर्ष जुलाई तक साइबर ठगी की 104.05 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कराई गई है। यह कुल ठगी गई राशि का करीब 30 प्रतिशत है।

वहीं दस करोड़ रुपये से अधिक की राशि पीड़ितों को रिफंड भी कराई गई है। वर्ष 2025 में 116 करोड़ रुपये की ठगी की राशि होल्ड की गई थी।

साइबर प्रहार अभियान में 4928 म्यूल खाते चिह्नित

सीसीएसयू के अनुसार, साइबर प्रहार 2.0 में 1215, साइबर प्रहार 3.0 में 536 और जुलाई तक चले विशेष अभियान साइबर प्रहार 4.0 में 3177 म्यूल खाते चिह्नित किए गए हैं।

इन खातों की जांच के आधार पर 143 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, जबकि 99 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

संपतचक और आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा शिकायतें

देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की रकम बिहार में खोले गए म्यूल खातों के जरिए निकाली जा रही है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मार्च तक ऐसी 1272 शिकायतें मिली थीं, जिनमें 72 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। राजधानी पटना के संपतचक और आसपास के इलाकों में म्यूल खातों की अधिक शिकायतें सामने आई हैं।

कमजोर और अनजान लोगों को निशाना बनाकर किराये पर लेते हैं खाते

साइबर अपराधी कई बार आर्थिक रूप से कमजोर या अनजान लोगों से किराये पर बैंक खाते लेते हैं। इन खातों में ठगी की राशि आने के बाद खाताधारक को टोकन मनी देकर रकम निकाल ली जाती है। इसके बाद खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जाता है।

सर्वाधिक म्यूल खातों वाले जिले

पटना में 672, मोतिहारी में 509, बेतिया में 454, नालंदा में 325, सारण में 256, गया और मधेपुरा में 183-183, भागलपुर में 150, मुजफ्फरपुर में 141 और सिवान में 125 संदिग्ध म्यूल खाते चिह्नित किए गए हैं।

जिलावार जांच और गिरफ्तारी का अभियान जारी

डीआइजी सीसीएसयू अवकाश कुमार ने बताया कि म्यूल खातों के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान साइबर प्रहार चलाकर कार्रवाई की जा रही है।

सीसीएसयू की टीम जिलावार सूची तैयार कर खातों की जांच कर रही है। इस मामले में करीब सौ गिरफ्तारियां की गई हैं और अब तक चार बैंककर्मी भी पकड़े गए हैं।