विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार क्रिकेट टीम में कैसे होगा खिलाड़ियों का चयन? हाईकोर्ट के पूर्व जज ने मांगे सुझाव; बनेगी SOP

Published: Sat, 24 Oct 2026 08:50 PM (IST)

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) खिलाड़ियों के चयन के लिए नई SOP बनाएगा। पूर्व न्यायाधीश अश्वनी कुमार सिंह ने निष्पक्ष चयन प्रक्रिया हेतु हितधारकों से सुझाव मांगे हैं।

प्रत‍िभा के आधार पर चुने जाएंगे क्रि‍केटर। प्रतीकात्‍मक फोटो

प्रत‍िभा के आधार पर चुने जाएंगे क्रि‍केटर। प्रतीकात्‍मक फोटो

जागरण संवाददाता, पटना। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) की टीमों में खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए अब एक नई स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाई जाएगी।

पटना हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश व बीसीए के प्रशासक अश्वनी कुमार सिंह ने सभी आयु वर्ग की पुरुष और महिला टीमों के चयन की इस नई एसओपी के लिए क्रिकेट हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।

एसओपी के प्रारूप, चयन मानदंडों और शिकायतों के निवारण को लेकर कोई भी खिलाड़ी, कोच, अभिभावक, अंपायर या जिला क्रिकेट संघ अपने सुझाव दे सकता है।

बीसीए प्रशासक ने मांगे सुझाव

सुझाव केवल गूगल फार्म (https://forms.gle/jV3JLNQ4AG2ZQd9T8) के माध्यम से अंग्रेजी या हिंदी में पांच नवंबर 2026 तक जमा किए जा सकते हैं।

डाक, ईमेल या व्यक्तिगत रूप से भेजे गए सुझावों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासक का पदभार ग्रहण करने वाले अश्वनी कुमार सिंह की ओर से बीसीए की वेबसाइट पर जारी पत्र के अनुसार टीम चयन को लेकर कई शिकायतें मिली थीं।

प्रशासक ने स्पष्ट किया है कि बीसीए के नियमों के तहत खिलाड़ियों का चयन विशेष रूप से क्रिकेट कमेटियों का अधिकार है, जिसमें केवल पूर्व खिलाड़ी शामिल होते हैं।

उन्होंने भरोसा दिलाया है कि प्रशासक सहित बीसीए का कोई भी पदाधिकारी चयनकर्ताओं के काम में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा। बीसीसीआइ ने भी हाल ही में चयनकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है।

गुटबाजी या व‍िवाद में प्रभाव‍ि‍त नहीं होगी प्रत‍िभा

हालांकि, प्रशासक का मानना है कि हस्तक्षेप न करने का अर्थ यह नहीं है कि चयन बिना किसी निर्धारित प्रक्रिया के हो। नई एसओपी यह सुनिश्चित करेगी कि गुटबाजी या जिला क्रिकेट संघों के विवाद के कारण किसी भी योग्य खिलाड़ी का अवसर न छिने।

साथ ही चयनकर्ताओं को ट्रायल में आने वाले हर खिलाड़ी के मूल्यांकन का लिखित विवरण देना होगा ताकि निर्णयों में निरंतरता रहे।

इससे पूर्व जारी निर्देशों के तहत चयन ट्रायल से 15 दिन पहले नोटिस देना और ट्रायल की पूरी वीडियो रिकार्डिंग करना अनिवार्य किया जा चुका है।