पटना/दानापुर/फुलवारीशरीफ, जागरण टीम। Bihar Coronavirus Update News: कोरोना वायरस ने समाज के सामने एक ऐसा संकट खड़ा कर दिया है, जिसमें दरकते पारिवारिक रिश्‍तों की कड़वी सच्‍चाई दिख रही है तो दूसरी तरफ मनुष्‍य के सामाजिक जीव होने का फायदा भी। कुछेक परिवार जहां घर के लोग अपने दायित्‍व का निर्वहन करने में पिछड़ जा रहे हैं, वहां समाज आगे आ रहा है। ऐसे कई मामले विगत दो दिनों के अंदर पटना और आसपास के इलाके में दिखे हैं। सोमवार को रूपसपुर थाना क्षेत्र के कालीकेत नगर में एक 70 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इस घर में वृद्धा केवल एक बच्‍ची के साथ रहती थी। महिला के कोरोना से संक्रमित होने की जानकारी के कारण कोई इस घर में पूछने तक नहीं पहुंचा।

नगर परिषद ने एंबुलेंस का इंतजाम कर भिजवाया शव

रूपसपुर थाना क्षेत्र के कालीकेत नगर की विजय विहार कॉलोनी में 70 वर्षीय वृद्ध महिला की कोरोना से घर पर ही मौत हो गई। घर में मृतका के साथ एक बच्ची थी। कोरोना के कारण हुई मौत के बाद बच्ची परेशान थी। इसके बाद स्थानीय लोगों को जानकारी मिली और मोहल्ले के लोगों ने ही थाना व जिला प्रशासन को फोन से सूचना दी। थानाध्यक्ष मधुसूदन कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों के जानकारी देने के बाद कार्रवाई की गई। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारी से मिली सूचना के बाद शव को एंबुलेंस के माध्यम से अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया।

प्राकृतिक मौत के बाद भी नहीं आया कोई मदद को

इधर, पटना से सटे संपतचक प्रखंड में कनौजी कछुआरा पंचायत की कृषि विहार कॉलोनी, ब्रह्मपुर में रविवार को 65 वर्षीय बुजुर्ग बालेश्वर प्रसाद की प्राकृतिक मौत हो गई। मृतक बालेश्वर के घर में उनकी पत्नी के अलावा कोई अन्य सदस्य नहीं था। उनकी कोरोना से मौत की अफवाह फैली तो आसपास के लोगों ने शव को हाथ लगाने से परहेज किया। मौत की सूचना किसी तरह जिला प्रशासन को मिली तो कोरोना संक्रमित संपतचक बीडीओ ऊषा कुमारी ने इसकी जानकारी भेलवाड़ा दारियापुर पंचायत की मुखिया नीतू कुमारी के पति सामाजिक कार्यकर्ता रॉकी कुमार को दी।

पड़ोसियों ने बताया- बुजुर्ग के मरते ही भाग गए बहू-बेटा

रॉकी ने अपने समर्थकों की मदद से मृतक बालेश्वर प्रसाद के घर करीब पौने आठ बजे रात में पहुंचे और मानवता का परिचय देकर बुजुर्ग के शव को कंधा देकर एंबुलेंस तक पहुंचाया। इस पर लोगों ने रॉकी कुमार की खूब सराहना की। देर रात एंबुलेंस लेकर टीम पहुंची तो पड़ोसियों ने बताया कि बुजुर्ग की मौत के बाद उनके परिवार के सदस्य भाग खड़े हुए।

रोजेदार परवेज आलम ने भी की मदद

मृतक के घर खेमनीचक के मृत्युंजय प्रसाद व सोनू कुमार मौके पर पहुंचे और जिला प्रशासन की टीम की मदद के लिए आगे आए। एंबुलेंस चालक बेतिया निवासी मजरे आलम व सहयोगी समस्तीपुर के बिंदन कुमार भी शव को ले जाने के लिए मौजूद रहे। रॉकी के मित्र फुलवारीशरीफ निवासी रोजेदार परवेज आलम और खेमनीचक के मृत्युंजय प्रसाद ने भी बुजुर्ग के शव को उठाकर एंबुलेंस में रखवाया। इसके बाद दाह संस्कार हो सका।