छपरा, जागरण संवाददाता। छपरा सदर अस्पताल के कोविड सेंटर में डेड बॉडी के बीच कोरोना मरीज के उपचार का वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो के बाद कोविड सेंटर  में उपचार कराने वाले मरीजों के स्वजनों में बेचैनी बढ़ गई है।  शहर के आर्य नगर मोहल्ले के निवासी ने बताया कि उनके पिताजी कोरोना पॉजिटिव थे। छह दिन वे कोविड सेंटर पर भर्ती थे। वहां की व्यवस्था बहुत ही लचर है। मरने के बाद शव को कोविड सेंटर में घंटों इसी तरह छोड़ दिया जाता है। इसकी शिकायत उनके द्वारा भी अस्पताल प्रशासन से की गई। दैनिक जागरण को मिले इस वीडियो को देखने पर यह नहीं मालूम पड़ रहा है कि यह वीडियो कब का है।

वीडियो में दावा- मौत के बाद रेफर किए गए जा रहे मरीज

इसी तरह के एक कोविड सेंटर में भर्ती एक महिला का भी वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि ऑक्सीजन जिस रूम में रखी गयी है, इसकी चाबी कोई लेकर चला गया है। जब महिला की मौत हो जा रही है तो उसे पीएमसीएच रेफर कर दिया जा रहा है। ऐसे वीडियो से कोविड सेंटर में उपचार करा रहे लोग एवं कोरोना पॉजिटिव मरीजों में बेचैनी है।

15-20 के लिए रखा गया होगा शव

सिविल सर्जन ने कहा कि सदर अस्पताल में दो शव वाहन हैं। ऐसे में शव वाहन न होने पर शव को पैक कर वहां 15 -20 मिनट रखा गया होगा। जिसका वीडियो कोई बनाया होगा। संक्रमण न फैले इसलिए शव को पैक कर रखने का निर्देश है। अस्पताल में डेड बॉडी के बीच कोरोना मरीज का उपचार नहीं हो रहा है। कोविड केयर सेंटर में व्यवस्था पूरी तरह से ठीक है।

कोरोना मरीजों को नहीं दिया जा रहा गर्म पानी

सदर अस्पताल के कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजों को गर्म पानी नहीं दिया जा रहा है। यह कहना है जेपी विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के कर्मी व कोरोना पॉजिटिव मनोज कुमार पांडेय का। हालांकि वे कोरोना को मात देकर अब पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं। उन्हे सांस लेने में दिक्कत की शिकायत होने पर कोविड सेंटर पर भर्ती किया गया था। वे पिछले दिनों ही कोविड सेंटर से अपने घर रिपोर्ट निगेटिव होने पर आए हैं। सिविल सर्जन डॉ. जेपी सुकुमार ने कहा कि उनकी शिकायत के संबंध में वे जानकारी लेंगे।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग कर रहा हर सुविधा का दावा

हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि कोविड सेंटर में सभी सुविधाएं हैं। यहां ऑक्सीजन समेत बेड व दवा की कोई कमी नहीं है। यहां जितना बेड है इतने मरीज भर्ती नहीं हो रहे हैं। यहां अधिकांश कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में ही ठीक हो जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को मेडिकल किट दे रहा है। उनसे प्रतिदिन मोबाइल से स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है का दवा किया जा रहा है। किसी को कोई दिक्कत हो रही है तो कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जा रहा है।