जासं, पटना: कोरोना संक्रमण को बढ़ते देख आप अपने घर में रहकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं। घर में रहते हुए बेहतर खानपन पर ध्यान देने के साथ आयुर्वेदिक पद्धति को अपनाते हुए संक्रमण से अपने घर और परिवार को बचा सकते हैं। संक्रमण से बचाव और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अपनी दिनचर्या को दुरुस्त करने के साथ अपने आत्मविश्वास को बढ़ाए रखना जरूरी है। पटना आयुर्वेदिक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिनेश्वर प्रसाद ने बताया कि बेहतर खानपान और आयुर्वेदिक के जरिए संक्रमण से बचाव किया जा सकता है। 

योगाभ्यास और खानपान पर दें ध्यान 

डॉ. दिनेश्वर प्रसाद ने कहा इन दिनों व्यक्ति अपनी दिनचर्या को बदलें। सुबह चार से पांच के बीच जगने के बाद शौच आदि कर्मों से निवृत्त होकर योगाभ्यास करें, जिसमें दस मिनट अनलोम-विलोम, दस मिनट कपालभाती करें। इसके बाद भुजंगासन त्रिकोणासन और ताड़ासन करें। स्नान के बाद महामृत्युंजय मंत्र और ओम का उच्चारण दस बार करें। 

दाल-रोटी के सलाद जरूर लें

अल्पाहार में दाल-रोटी के साथ नींबू, टमाटर, गाजर, खीरा चुकंदर आदि का सेवन करना चाहिए। इसमें कर्बोहाइड्रेड, विटामिन, प्रोटीन और खनिजलवण आदि सभी आवश्यक तत्व हैं। भोजन मधुर, अम्ल, लवण, कटु और कसाए रसों से मुक्त होना चाहिए। भोजन में दूध, दही और घी उचित मात्रा में लें। रात का भोजन हल्का एवं सुपाच्य होना चाहिए, जिससे भोजन आसानी से पच सके। देर रात तक जगने का प्रयास न करें। 

काढ़े का करें नियमित सेवन  

कोरोना से बचाव के लिए आजवाइन, तुलसी, अदरक, दालचीनी और कालीमिर्च से बने काढ़े का प्रतिदिन तीन मिलीलीटर सेवन करें। हर दिन एक चम्मच च्वयवनप्राश, रात को सोने से पूर्व एक ग्लास गर्म दूध में एक चुटकी हल्दी पाउडर डालकर सेवन करें। साथ ही गिलोय घनवटी या संशमनी घनवटी दो-दो गोली सुबह-शाम लें। 

दवाओं को दें प्राथमिकता  

कोरोना के लक्षण होने पर बुखार में गिलोय घनवटी दो गोली सुबह-शाम, महासुदर्शन घनवटी दो-दो गोली सुबह-शाम लें। खांसी में सीतोप्लादी चूर्ण एक ग्राम, अभ्रक भस्म 250 मिली ग्राम, टंकन भस्म 250 मिली ग्राम शहद के साथ सुबह-शाम लें। 

दस्त होने पर

कुटज घनवटी दो गोली सुबह-शाम, कमजोरी होने पर अश्वगंधा चूर्ण एक चम्मच सुबह-शाम दूध के साथ व चंद्रप्रभावटी एक से दो गोली दिन में दो बार लें। 

भूख की कमी या स्वाद न मिलने पर

चित्रकादि घनवटी एक से दो गोली भोजन के बाद लें। सर्दी होने पर लक्ष्मीविलास रस का सेवन करें। दिनभर तुलसी पत्ता और लांग डालकर उबले पानी का सेवन करें। मौसम फल और सब्जियों का प्रयोग करें। दोपहर में खिचड़ी, दलिया या हल्का सुपाच्य भोजन लें। दोनों नाक में सरसों का तेल जरूर डालें। 

Edited By: Akshay Pandey