बिहार की सभी सहकारी संस्थाओं में लागू हो डेलीगेट सिस्टम, सहकारी बैंक अध्यक्षों ने नीति में बदलाव का दिया सुझाव
बिहार राज्य सहकारी बैंक की बैठक में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक अध्यक्षों ने सहकारिता नीति-2026 में बदलाव के कई सुझाव ...और पढ़ें

सदस्यता शुल्क और शेयर मूल्य में बदलाव का सुझाव
HighLights
सभी सहकारी संस्थाओं में डेलीगेट सिस्टम लागू करने का सुझाव।
सदस्यता शुल्क 100 रुपये, शेयर मूल्य 1000 रुपये करने की मांग।
कृषि बैठकों में सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल करने की मांग।
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे की अध्यक्षता में गुरुवार को राज्य के सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) के अध्यक्षों की बैठक हुई। इसमें बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026, अधिप्राप्ति में आ रही कठिनाइयों, वित्तीय नुकसान और बैंकों से जुड़ी अन्य समस्याओं पर चर्चा की गई। अध्यक्षों ने सहकारिता नीति में कई बदलाव करने के सुझाव दिए।
सदस्यता शुल्क और शेयर मूल्य में बदलाव का सुझाव
बैठक में राज्य की सभी सहकारी संस्थाओं में डेलीगेट सिस्टम लागू करने का सुझाव दिया गया। सदस्यता के लिए प्रवेश शुल्क 100 रुपये और एक शेयर का मूल्य 1000 रुपये निर्धारित करने की बात कही गई।
समिति के चुनाव में यदि 50 प्रतिशत सदस्य निर्वाचित हो जाएं तो समिति को भंग नहीं करने का सुझाव भी दिया गया।
निर्वाचित सदस्यों की सहमति से निर्णय की मांग
अध्यक्षों ने सुझाव दिया कि निर्वाचित सदस्यों में 50 प्रतिशत से अधिक की सहमति से समिति के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएं। समय पर चुनाव नहीं होने की स्थिति में बोर्ड को दोषी नहीं मानने की मांग भी बैठक में रखी गई। अध्यक्षों का कहना था कि इससे सहकारी संस्थाओं के कामकाज में व्यावहारिक दिक्कतें कम होंगी।
कृषि बैठकों में सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि हों
कृषि से जुड़े मामलों की बैठकों में पैक्स से लेकर शीर्ष सहकारी संस्था तक के प्रतिनिधि को नामित करने की व्यवस्था करने की मांग की गई।
अध्यक्षों ने कहा कि कृषि और सहकारिता से जुड़े फैसलों में जमीनी स्तर की संस्थाओं की भागीदारी जरूरी है। इससे नीतियों को लागू करने में भी सुविधा होगी।
पैक्स और अन्य समितियों के खाते खोलने की मांग
अध्यक्षों ने दुग्ध, मत्स्य, बुनकर, सब्जी, व्यापार मंडल समेत सभी प्राथमिक सहकारी समितियों और उनके सदस्यों के लिए डीसीसीबी में प्राथमिकता के आधार पर खाते खोलने के स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की।
बैठक में आरा के अध्यक्ष सत्येन्द्र नारायण सिंह, मुंगेर की मिन्टु देवी, मगध के विनय कुमार और गोपालगंज के महेश राय समेत विभिन्न जिलों के सहकारी बैंक अध्यक्ष मौजूद रहे।
