बिहार में सोलर पैनल लगाने वालों की बल्ले-बल्ले, साल के अंत में बची एक्स्ट्रा बिजली अब खाते में होगी जमा!
ऊर्जा विभाग ने बिहार विद्युत विनियामक आयोग से सौर ऊर्जा से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को उपभोक्ताओं के खाते में समायोजित करने के नए प्रावधानों का आग्रह किया है।

बिहार में उपभोक्ताओं को वार्षिक अतिरिक्त सौर बिजली पर मिलेगा बड़ा लाभ (AI Generated Image)
HighLights
ऊर्जा विभाग ने अतिरिक्त सौर बिजली के समायोजन हेतु नए प्रावधान मांगे।
वित्तीय वर्ष के अंत में बची बिजली उपभोक्ताओं के खाते में जमा होगी।
यह पहल बिहार में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देगी और लाभ पहुंचाएगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। ऊर्जा विभाग ने बिहार विद्युत विनियामक आयोग (बीईआरसी) से सौर ऊर्जा से उत्पन्न बिजली की खरीद के लिए नए प्रविधान करने का आग्रह किया है। अगर प्रविधान को स्वीकृति मिली तो वित्तीय वर्ष के अंत में बची अतिरिक्त बिजली उपभोक्ताओं के खाते में जमा हो जाएगी।
इस समय नेट मीटरिंग व्यवस्था में उपभोक्ता अपने घर पर लगे सोलर प्लांट से बिजली बनाता है। पहले इस बिजली का उपयोग उसके घर की जरूरत के लिए होता है। इसके बाद यदि कुछ बिजली बच जाती है, तो वह ग्रिड में चली जाती है।
इस अतिरिक्त बिजली का समायोजन हर महीने के बिजली बिल में किया जाता है, लेकिन वित्तीय वर्ष के अंत में उसे अगले साल के खाते में समायोजित नहीं किया जाता है।
बिजली कंपनी का दावा है कि नियामक आयोग की स्वीकृति मिलने से लोगों को अपनी छतों पर सोलर लगाने के लिए और प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, जिन उपभोक्ताओं ने पहले से सोलर प्लांट लगा रखा है, उन्हें भी अपनी अतिरिक्त बिजली के लिए उचित लाभ मिल सकेगा।
इससे राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने और पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। पीएम-कुसुम योजना के तहत किसान भी सोलर प्लांट लगाकर बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। इन सोलर प्लांटों से उत्पादित बिजली की खरीद ऊर्जा विभाग द्वारा की जा रही है।
