सुनील राज, पटना। स्वतंत्रता दिवस का महापर्व संपन्न होने के साथ ही प्रदेश की नीतीश सरकार के नए मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद शुरू हो जाएगी। वाम दलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सरकार का हिस्सा नहीं होंगे। कांग्रेस के अंदर भी संशय के बादल छंट गए हैंं और तय हो गया है कि कांग्रेस बाहर से समर्थन करने की बजाय सरकार में शामिल होगी। लेकिन बड़ी बात यह है कि फिलहाल सरकार में कांग्रेस कोटे के दो ही मंत्री होंगे। कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के नाम का खुलासा सोमवार की रात तक संभावित है। 

बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रभारी भक्त चरण दास की सोनिया गांधी के साथ लंबी चली बैठक के बाद सरकार में शामिल होने पर सहमति बनी है। पहले यह कयास लग रहे थे कि पार्टी के अंदर पनपे असंतोष को थामने के लिए कांग्रेस सरकार को बाहर से समर्थन दे सकती है। असल में बिहार में कांग्रेस के 19 विधायक हैं। पार्टी करीब पांच वर्षो से सत्ता से बाहर है। अब जबकि विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिल रहा है कोई भी अपनी दावेदारी से पीछे नहीं हटना चाहता।  यही वजह है कि 19 में करीब दर्जन भर विधायकों ने आलाकमान के सामने अपनी दावेदारी पेश की थी। 

खगडिय़ा विधायक छत्रपति ने तो बकायदा पत्र तक लिखा और जाति का हवाला देकर अपने लिए मंत्री पद की मांग की। वहीं राजापाकर सुरक्षित सीट की महिला विधायक प्रतिमा कुमारी दास ने नीतीश सरकार की महिला आरक्षण नीति का हवाला देकर महिला होने के नाते मंत्री पद पर दावा किया था। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की रेस में रहे कुटुंबा विधायक राजेश कुमार के साथ ही सीमांचल के तीन विधायकों, पार्टी के चार में दो विधान पार्षद और प्रदेश कांग्रेस के तीन पदधारियों ने भी प्रदेश नेतृत्व और बिहार प्रभारी के सामने मंत्री पद की मांग उठाई थी। 

अंदर खाने के सूत्र बता रहे हैं कि दिल्ली में आलाकमान के सामने बिहार प्रभारी ने राज्य के विधायकों के दावे की जानकारी दी और पार्टी से निर्णय लेने की अपील की। चर्चा थी कि पार्टी के इतने विधायकों की मांग और पार्टी टूटने के भय के बीच सरकार को बाहर से समर्थन देने पर सहमत थी। परंतु लंबे मंथन के बाद निर्णय लिया गया कि कांग्रेस सरकार में शामिल होगी।

फिलहाल नए मंत्रिमंडल में कांग्रेस कोटे से दो लोग मंत्री बनेंगे। दो अन्य मंत्रियों का कोटा खाली रखा जाएगा। अगली बार जब मंत्रिमंडल विस्तार होगा तो दो अन्य को मौका दिया जाएगा, लेकिन इसके पहले सभी विधायकों को पार्टी को प्रदेश में मजबूत जनाधार दिलाने के लिए फील्ड में जाकर काम करना होगा। इसके बाद रैंकिंग के आधार पर दो अन्य को मंत्री पद सौंपा जाएगा।

Edited By: Shubh Narayan Pathak